एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि शिक्षा व्यक्तित्व विकास और समाज की बेहतरी के लिए अत्यंत आवश्यक है, जो ज्ञान, कौशल और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देती है। वह गेयटी थियेटर शिमला में दयानंद पब्लिक पाठशाला द्वारा आयोजित वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के उपरांत छात्रों एवं अभिभावकों को संबोधित कर रहे थे।
मंत्री ने वर्षभर विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करते हुए कहा कि शिक्षा बच्चों को नशे से दूर रखते हुए उन्हें अपने भविष्य के लिए सही निर्णय लेने और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता देती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के लिए लगातार प्रयासरत है, ताकि सरकारी और निजी स्कूलों के बीच का अंतर खत्म किया जा सके और हर बच्चा बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सके।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि दयानंद पब्लिक स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी संस्थानों में से एक है, जो बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने छात्रों से नशे से दूर रहकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह भी इस स्कूल के कार्यक्रमों में नियमित रूप से भाग लेते थे और स्कूल प्रबंधन की मांगों का समाधान करते थे। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे भी स्कूल प्रबंधन की मांगों को पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। समारोह के दौरान मंत्री ने स्कूल की न्यूज़ लेटर ‘इकोस ऑफ एक्सीलेंस’ का विमोचन भी किया और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भाग लेने वाले छात्रों को ₹31,000 देने की घोषणा की।
इस अवसर पर स्कूल प्रधानाचार्य अनुपम ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और वर्षभर आयोजित गतिविधियों की जानकारी दी। समारोह में डीएवी स्कूल ठियोग के प्रधानाचार्य मिस्टर थापा, डीएवी स्कूल शोघी के प्रधानाचार्य लखबीर सिंह, पूर्व मंडल कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल शर्मा, नगर निगम पार्षदगण, स्कूल प्रबंधन, अध्यापकगण, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
