एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन में मुख्य अभियंता तैनात रहे किन्नौर जिले के विमल नेगी की संदिग्ध मौत मामले में तकरीबन साढ़े तीन माह से जांच कर रही सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। रविवार को जांच एजेंसी ने निलंबित असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) पंकज को बिलासपुर से गिरफ्तार कर लिया। यह Vimal Negi Death Case में पहली गिरफ्तारी है।
सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप में कार्रवाई
सीबीआई के अनुसार, आरोपी एएसआई पंकज पर सबूतों से छेड़छाड़ करने का आरोप है। 18 मार्च को गोबिंदसागर झील से विमल नेगी का शव मिलने के दौरान आरोपी ने उनकी जेब से एक पेन ड्राइव निकालकर अपने पास रख ली और बाद में उसे फॉर्मेट कर दिया। हालांकि पंकज उस SIT (Special Investigation Team) का हिस्सा नहीं था जिसे पुलिस ने बनाया था, फिर भी वह मौके पर पहुंचा और सबूतों से छेड़छाड़ की। यही कारण है कि सीबीआई शुरू से ही उस पर निगरानी रखे हुए थी। Vimal Negi Death Case में 29 मई को दिल्ली से शिमला पहुंचकर सीबीआई ने जांच शुरू की थी और अब पहली गिरफ्तारी कर साफ संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एजेंसी यह भी पड़ताल कर रही है कि आखिर पंकज ने किसके कहने पर सबूतों से छेड़छाड़ की।

मामला क्या है?
10 मार्च को शिमला में तैनात पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी अचानक लापता हो गए थे। 18 मार्च को उनका शव बिलासपुर के गोबिंदसागर झील से बरामद हुआ। शव मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस जांच पर सवाल उठाए और कॉरपोरेशन के अधिकारियों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। गुस्साए परिजनों और कर्मचारियों ने बीसीएस शिमला कार्यालय के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया और कॉरपोरेशन के एमडी हरिकेश मीणा व निदेशक देसराज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। बढ़ते दबाव के चलते सरकार ने दोनों अफसरों को हटा दिया और जांच एसीएस ओंकार शर्मा को सौंप दी।
अब आगे क्या?
Vimal Negi Death Case में पंकज की गिरफ्तारी से यह साफ हो गया है कि केस की जांच में नए मोड़ आने वाले हैं। सीबीआई अब इस पर फोकस कर रही है कि सबूतों से छेड़छाड़ के पीछे कौन लोग शामिल थे और असली गुनहगार कौन हैं। सोमवार को सीबीआई आरोपी पंकज को अदालत में पेश करेगी। माना जा रहा है कि जांच एजेंसी आरोपी को पूछताछ के लिए रिमांड पर लेगी। 32
