एआरबी टाइम्स ब्यूरो
किन्नौर। उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आज रिकांग पिओ स्थित उपायुक्त कार्यालय सभागार में वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विकासात्मक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
डॉ. शर्मा ने बताया कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में जीवनयापन के बेहतर अवसर सृजित कर सीमाओं की सुरक्षा को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से सीमा पार अपराध पर नियंत्रण, सीमावर्ती समुदायों को सशक्त बनाना, और उन्हें सुरक्षा बलों की सहायता के लिए तैयार करना प्रमुख लक्ष्य हैं।
बैठक में बताया गया कि यह कार्यक्रम स्थानीय संसाधनों के आधार पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, सामाजिक उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, युवाओं और महिलाओं के कौशल विकास के साथ-साथ पर्यटन और पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहा है। ‘एक गांव – एक उत्पाद’ की सोच पर आधारित यह योजना स्थायी पर्यावरणीय कृषि व्यवसायों को बढ़ावा देकर सीमा सुरक्षा को भी मजबूती प्रदान करती है।
बैठक में विभिन्न परियोजनाओं पर चर्चा की गई, जिनमें शामिल हैं:
नेसंग गांव में सतलुज नदी पर ₹10.07 करोड़ की लागत से 110 मीटर लंबे कंक्रीट स्टील पुल का निर्माण।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चांगो व पूह में ₹6.35 करोड़ से आवासीय भवनों का निर्माण।
सुमरा ग्राम पंचायत में स्पीति नदी पर ₹7.84 करोड़ की लागत से बैली ब्रिज का निर्माण।
शिपकिला में ₹25 लाख से सरहद वन उद्यान योजना का क्रियान्वयन।
चारंग पंचायत के रांगरिक मठ में ₹70 लाख की लागत से सामुदायिक भवन व ध्यान केंद्र का निर्माण।
मलिंग क्षेत्र में ₹3.73 करोड़ की लागत से खेल मैदान का निर्माण।
उपायुक्त ने सीमावर्ती नमज्ञा पंचायत के खाब व नमज्ञा में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य की प्रगति रिपोर्ट तलब की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने वन विभाग को छितकुल क्षेत्र में इको-पार्क के निर्माण का निर्देश दिया, जिससे स्थानीय जनता व पर्यटक पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक हो सकें।
इसके अतिरिक्त, छितकुल व बटसेरी पंचायतों में अधोसंरचना विकास, मल निकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई।
बैठक में अधिशाषी अभियंता विद्युत टाशी छोडूप नेगी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र गुरु लाल नेगी, सहायक वन संरक्षण अधिकारी करण कपूर, भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस के अधिकारी व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
