एआरबी टाइम्स ब्यूरो
कुल्लू। जिला कुल्लू के निरमंड उपमंडल की सरगा पंचायत के ग्रामीण इन दिनों भालू और बंदरों के आतंक से बेहद परेशान हैं। क्षेत्र में मक्की की तैयार फसल और सेब के पौधों को बीते दो माह से भालू और बंदर लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इन जंगली जानवरों की आवाजाही दिन-दिहाड़े देखी जा रही है, जिससे जान-माल का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों – ईश्वर दास, कैन राम, राम लाल, चंद्र सिंह, शेर सिंह, संगत राम, मोहन सिंह, हरी सिंह, योगेंद्र सिंह, गुरदयाल, मनमोहन सिंह, सोहम लाल, ओम प्रकाश और बिहारी लाल आदि ने बताया कि उनकी फसलें लगभग बर्बाद हो चुकी हैं और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने एसडीएम निरमंड को पत्र लिखकर मांग की है कि क्षेत्र में भालू और बंदरों को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जाएं। उनका यह भी कहना है कि एक भालू मादा हो सकती है, क्योंकि उसके साथ दो छोटे बच्चे भी देखे गए हैं। इन जानवरों को सरगा, धार, शाऊगीधार और बरगुडीधार क्षेत्रों में बार-बार देखा गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि फसलों के नुकसान का सही आकलन कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे दोबारा खेती कर सकें और अपनी आजीविका चला सकें।