एआरबी टाइम्स ब्यूरो
शिमला। शिमला शहर में नगर निगम द्वारा तहबाजारियों से आठ दस्तावेज मांगने के खिलाफ सीटू से जुड़े रेहड़ी फड़ी तयबजारी यूनियन ने एक दिवसीय हड़ताल की। इसके बाद उपायुक्त कार्यालय के सामने सैकड़ों लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि आधार कार्ड पर सत्यापन व पंजीकरण की शर्त को लागू नहीं किया गया और अतिरिक्त दस्तावेज़ों की मांग जारी रही तो आंदोलन और तेज होगा।
प्रदर्शन में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, कोषाध्यक्ष बालक राम, यूनियन अध्यक्ष दर्शन लाल, महासचिव राकेश सलमान, सहित अनेक प्रतिनिधि शामिल रहे।
प्रदर्शन में नेताओं ने कहा कि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार तहबाजारियों को उजाड़ने का प्रयास अवैध है। केबिनेट की सब कमेटी द्वारा आठ दस्तावेजों की मांग करना तहबाजारियों को परेशान करने के अलावा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड के अलावा अन्य दस्तावेजों की मांग पूरी तरह से बेबुनियाद और अव्यावहारिक है।
यूनियन ने निर्णय लिया है कि शिमला शहर के कोई भी तहबाजारी केवल आधार कार्ड के अलावा कोई अन्य दस्तावेज जमा नहीं करेगा। लक्कड़ बाजार और आईजीएमसी के पास के तहबाजारियों को बिना वजह परेशान किया जा रहा है, गैस चूल्हे और स्टोव जब्त किए जा रहे हैं, और रोजाना जुर्माना लगाया जा रहा है, जो कि कानून के खिलाफ है।
प्रदर्शनकारियों ने टाउन वेंडिंग कमेटी की नियमित बैठकें करने, तहबाजारियों को उजाड़ने की प्रक्रिया रोकने, पुराने और नए तहबाजारियों का सर्वे पुनः करने और सर्टिफिकेट जल्द जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नगर निकाय प्रशासन स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट का उल्लंघन कर रहा है, जिसके कारण कई तहबाजारियों को उनके अधिकार नहीं मिल पाए हैं।
यूनियन ने प्रदेश सरकार, नगर निगम और अन्य नगर निकायों को चेतावनी दी कि तहबाजारियों की बेदखली बंद न की गई तो आंदोलन और भी तेज होगा।
