एआरबी टाइम्स ब्यूरो
शिमला। जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप के निर्देश पर एक बड़ी कार्रवाई के तहत 190 अवैध गैस सिलेंडर जब्त किए गए। गुप्त सूचना मिलने के बाद अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा के नेतृत्व में बनाई गई टीम ने भट्टाकुफर इलाके में नाका लगाकर सिलेंडर से भरे एक ट्रक को रोका। जांच में सामने आया कि ये सिलेंडर शिमला की चार फर्जी गैस एजेंसियों को सप्लाई किए जा रहे थे।

गैस एजेंसियों की पहचान और आपूर्ति विवरण:
इस ट्रक में कुल 190 सिलेंडर पाए गए, जिनमें से 60 भरे हुए और 130 खाली थे। ये खेप मोहाली, पंजाब से आई थी, जिसे शिमला की चार एजेंसियों — हिमालयन गैस एजेंसी शोघी, इशिता गैस एजेंसी, कपरेट एजेंसी संजौली और हिमालयन गैस एजेंसी कुफरी — में वितरित किया जाना था।
प्रशासन ने खुलासा किया कि इन चारों एजेंसियों के पास कोई भी एक्सक्लूसिव सर्टिफिकेट नहीं था। मौके पर जो बिल प्रस्तुत किए गए उनमें भी कोई वैध सर्टिफिकेट नंबर दर्ज नहीं था।
फर्जी गैस एजेंसी रैकेट का पर्दाफाश:
जांच में यह भी सामने आया कि मोहाली की एक एजेंसी द्वारा इन शिमला स्थित चार एजेंसियों को गैस सिलेंडर सप्लाई किया जा रहा था, जो कि बिना वैध अनुमति के हो रहा था। इस आधार पर मोहाली की एजेंसी को भी जांच के दायरे में लाया गया है।
डीएम की सख्त चेतावनी:
डीएम अनुपम कश्यप ने कहा कि यह मामला आम जनता की सुरक्षा से सीधा जुड़ा हुआ है और इस प्रकार के अवैध कार्यों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बिना प्रोटोकॉल और अनुमति के काम करना कानूनन अपराध है।
बीते महीने भी हुई थी बड़ी कार्रवाई:
इससे पहले, 26 अगस्त 2025 को भी प्रशासन ने 361 अवैध सिलेंडर जब्त किए थे। यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है जिससे साफ है कि प्रशासन अवैध गतिविधियों के प्रति सख्त रवैया अपना रहा है।
