एआरबी टाइम्स ब्यूरो
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर के सेरी पुल के पास जल्द ही नई सड़क का निर्माण कार्य शुरू होने वाला है। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने इसके लिए दो स्थानों का चयन कर लिया है और इस संबंध में जानकारी हिमाचल प्रदेश के सातवें वित्तायोग अध्यक्ष व रामपुर के विधायक नंद लाल को दी गई, जो रविवार को मौके पर पहुंचे थे।
विधायक ने स्थानीय ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं और संबंधित विभागों को तत्काल राहत कार्यों को तेज़ी से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक सड़क बहाल नहीं होती, तब तक बागवानों की नकदी फसलों को स्पैन के माध्यम से बाहर निकाला जाएगा, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। वहीं उन्हाेंने सेरी और गानवी में ग्रामीणों को पेश आ रही समस्याओं को भी सुना।
ग्रामीणों को हो रही परेशानियां:
सेरी पुल में सड़क बाधित होने से देवठी, काशापाट, कूहल और सेरी मझाली पंचायतें भूस्खलन के चलते पूरी तरह प्रभावित हैं। बार-बार हो रहे भूस्खलन के कारण सड़क ध्वस्त हो चुकी है, जिससे हज़ारों ग्रामीणों को आवाजाही, आपूर्ति और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच में दिक्कतें आ रही हैं।
गानवी व आसपास की पंचायतों में जल और सड़क संकट:
विधायक ने गानवी का भी दौरा किया, जहां बरसात के कारण पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है और पांच पंचायतों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है। इन पंचायतों में लबाना सदाना, गानवी, फांचा, जघोरी, कूट और क्याओ शामिल हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग को जल्द से जल्द सड़क व पेयजल आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्युत विभाग को भी आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही उन्होंने कहा कि गानवी खड्ड को उसके पुराने रास्ते पर लाने के लिए सोमवार से दो बड़ी बड़ी मशीनें लगाई जाएगी, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
राहत और पुनर्वास कार्यों के निर्देश:
विधायक ने स्पष्ट किया कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्यों को मानवीय संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता पर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल, विद्युत आपूर्ति, और बागवानी स्पैन व्यवस्था जैसी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध करवाई जाएं।
इस मौके पर पंचायत समिति अध्यक्ष आशीष कायथ, खंड विकास अधिकारी राजेंद्र नेगी, अधिशाषी अभियंता शक्ति सिंह (लोनिवि), रसवीर नेगी (जल शक्ति), कुकू शर्मा (विद्युत विभाग), डॉ संजय के चौहान (बागवानी), डॉ पवन कुमार (कृषि) सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
