एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रिकांगपिओ। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में आठ दिनों से बंद पड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग-5 आखिरकार रविवार को बहाल हो गया। हाईवे खुलते ही फंसे हुए सैकड़ों वाहनों को निकालने का सिलसिला शुरू हुआ। इसी बीच राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी का काफिला मौके पर पहुंचा और काफिले को प्राथमिकता देने पर विवाद खड़ा हो गया। लोगों ने नारेबाजी कर विरोध जताया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। जब एसपी किन्नौर ने चालान काटने की बात कही तो भीड़ और भड़क उठी। कुछ कांग्रेस नेता भी इस दौरान एसपी को उकसाते नजर आए। पुलिस और प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद हालात काबू में किए।
एनएच-5 बहाली के बाद राहत
एनएच प्राधिकरण ने रविवार सुबह बहाली का कार्य शुरू कर लगभग 11 बजे मार्ग खोल दिया। सबसे पहले भावानगर की ओर से सेब और मटर से लदे ट्रकों को निकाला गया, उसके बाद रामपुर की दिशा से वाहनों को रिहा किया गया। हालांकि जगह-जगह जाम और दलदल के कारण यातायात प्रभावित रहा। कई गाड़ियों को मशीनों की मदद से बाहर निकालना पड़ा। कुछ यात्रियों को पैदल सड़क पार करनी पड़ी।स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि साफ मौसम के बावजूद बहाली में देर की गई और वाहनों की रिहाई भी असंतुलित रही। रामपुर की ओर से कम और भावानगर की ओर से ज्यादा वाहनों को छोड़े जाने से भी लोगों में नाराजगी रही।
