एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
हिमाचल प्रदेश में हायर ग्रेड-पे को लेकर मचे विरोध के बीच मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बड़ा एलान किया है। सीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी कर्मचारी का वेतन नहीं काटा जाएगा और शनिवार को जारी अधिसूचना को संशोधित किया जाएगा। सीएम सुक्खू ने कहा कि भविष्य में होने वाली नई भर्तियों को अतिरिक्त इंक्रीमेंट का लाभ नहीं मिलेगा, लेकिन वर्तमान कर्मचारियों से यह लाभ वापस नहीं लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों के हितों को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
कर्मचारियों ने सचिवालय के बाहर प्रदर्शन
हायर ग्रेड-पे खत्म करने की अधिसूचना के विरोध में सोमवार को सचिवालय परिसर में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों के कर्मचारी शिमला के पीटरहॉफ में मुख्यमंत्री से मिलने भी पहुंचे और अधिसूचना को वापस लेने की मांग उठाई। गौरतलब है कि वित्त विभाग ने शनिवार को जारी अधिसूचना में 89 श्रेणी के कर्मचारियों का हायर ग्रेड-पे खत्म करने का निर्णय लिया था। इससे लगभग 12 हजार कर्मचारियों की सैलरी 10 से 20 हजार रुपये तक कम हो रही थी।
भाजपा सरकार में शुरू हुआ था प्रावधान
पूर्व भाजपा सरकार ने 6 सितंबर 2022 को नोटिफिकेशन जारी कर रेगुलर होने के बाद हायर ग्रेड-पे पर लगी दो साल की शर्त हटा दी थी। इससे कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी हुई थी। लेकिन मौजूदा सरकार की अधिसूचना से यह लाभ समाप्त हो रहा था। सचिवालय सेवाएं संघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि सीएम ने अधिसूचना वापस लेने का भरोसा दिया है। इस बीच, एनपीएस कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि अधिसूचना वापस नहीं हुई तो कर्मचारी सड़कों पर उतरेंगे। कर्मचारी नेता त्रिलोक ठाकुर ने आरोप लगाया कि ब्यूरोक्रेसी ने सीएम को गुमराह किया और कर्मचारियों व सरकार के बीच खाई पैदा करने की कोशिश की।