एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
हिमाचल प्रदेश में कॉलेजों और विश्वविद्यालय इस बार भी केंद्रीय छात्र संघ चुनाव बहाल नहीं होंगे। सत्र 2025-26 में भी स्टूडेंट सेंट्रल एसोसिएशन (SCA) का गठन केवल मेरिट के आधार पर किया जाएगा। शुक्रवार को कुलपति प्रो. महावीर सिंह की अध्यक्षता में कॉलेज प्राचार्यों के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में सभी प्राचार्यों ने एकमत से राय दी कि छात्र संघ चुनाव बहाल न किए जाएं और SCA का गठन शैक्षणिक योग्यता और मेरिट सूची से ही हो। मेरिट बेस पर मनोनयन के लिए जल्द प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। कॉलेजों और विवि में लंबे समय से बंद छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग एसएफआई समेत अन्य संगठन काफी समय से करते आ रहे हैं। इसी को देखते हुए विश्वविद्यालय की ओर से चुनाव के बारे में राय लेने के लिए हर साल प्राचार्यों की बैठक बुलाई जाती है, लेकिन शिक्षक डायरेक्ट चुनाव न करवाकर मनोनय से ही एससीए के गठन को प्राथमिकता देते रहे हैं। इस बार भी ऐसा ही हुआ।
2013 से लागू है प्रतिबंध
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव पर 2013 से प्रतिबंध लगा हुआ है। इस बार भी प्रतिबंध नहीं हटने से साफ है कि प्रदेश में छात्र संगठन चुनाव की बहाली पर फिलहाल सहमति नहीं है।
कुलपति के अन्य निर्णय
बैठक में कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कॉलेजों में खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
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इसी सत्र से पात्र शिक्षक पीएचडी गाइड बन सकेंगे और उन्हें शोधार्थी आवंटित होंगे।
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विश्वविद्यालय में खुले पांच शोध केंद्रों से जुड़े विषय कॉलेज स्तर पर पढ़ाए जाएंगे।
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प्रैक्टिकल पैनल, परीक्षा क्लस्टर केंद्र बढ़ाने और विवि विकास निधि समय पर जमा करवाने पर निर्देश दिए गए।
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पीएम उषा योजना के तहत महाविद्यालयों को सहायता दी जाएगी।
