एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को अपने हकों के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। शानन परियोजना की लीज समाप्त होने के बाद भी इसे पंजाब से हिमाचल को वापस नहीं किया गया है। वहीं, सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बावजूद बीबीएमबी (BBMB) से बकाया राशि का भुगतान भी पंजाब और हरियाणा के अवरोध के कारण लंबित है। रविवार को शिमला में आयोजित राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन के समापन सत्र में CM सुक्खू ने कहा कि पंजाब और हरियाणा हिमाचल के बड़े भाई जैसे हैं और उन्हें उदार सहयोग देना चाहिए। उन्होंने राज्य सहकारी बैंक के साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र का उद्घाटन किया और स्मारिका का विमोचन किया।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में हुआ सुधार
2025 में शिक्षा रैंकिंग में हिमाचल 5वें स्थान पर पहुंचा।
पिछली सरकार के दौरान यह रैंकिंग 21वें स्थान पर थी।
प्रमुख अस्पतालों में 300 करोड़ रुपये के आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
दो सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में रोबोटिक सर्जरी शुरू हो चुकी है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
‘हिम-ईरा ब्रांड’ से महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन।
दूध की कीमत में ₹21 प्रति लीटर वृद्धि के बाद प्रतिदिन 2.5 लाख लीटर दूध खरीद।
प्राकृतिक खेती को MSP देकर बढ़ावा।
महिलाओं और युवाओं को वन संरक्षण गतिविधियों से जोड़ना।
प्राकृतिक आपदाओं से 20 हजार करोड़ का नुकसान
CM सुक्खू ने कहा, प्राकृतिक आपदाओं से राज्य को लगभग 20,000 करोड़ का नुकसान हुआ है, लेकिन विकास कार्य जारी हैं। चंबा के मणिमहेश यात्रा के दौरान फंसे 16,000 श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी हिमाचल की करुणामय संस्कृति का उदाहरण है। केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने हिमाचल को शत-प्रतिशत साक्षरता पर बधाई दी और ‘सहकार टैक्सी सेवा’ जैसी योजनाओं का लाभ उठाने का सुझाव दिया। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने धारा 118 में छूट का आग्रह किया और सहकारी बैंकों में लोगों का विश्वास बनाए रखने पर जोर दिया। उत्तराखंड सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने 10 लाख किसानों को सहकारिता से जोड़ने की जानकारी दी।
