एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
हिमाचल प्रदेश में सितंबर माह में सामान्य से 136% अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि पूरे मानसून सीजन के दौरान अब तक 45% अधिक वर्षा हुई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को शिमला में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए जानकारी दी कि इस मानसून सीजन में अब तक 417 लोगों की मौत, 45 लोग लापता और लगभग ₹4,582 करोड़ की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। आपदा में कुल 15,022 संरचनात्मक क्षति दर्ज की गई है, जिनमें 1,502 घर पूरी तरह और 6,467 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा, 6,316 गौशालाएं और 594 दुकानें प्रभावित हुई हैं।
सीएम ने नुकसान की समीक्षा की, सड़कें बहाल करने के दिए निर्देश
बैठक के दौरान सीएम सुक्खू ने बारिश और प्राकृतिक आपदा से हुई जानमाल की क्षति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पिछले दो दिनों में 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो लोग अभी भी लापता हैं।
सीएम ने सभी उपायुक्तों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग को खासतौर पर सेब उत्पादक क्षेत्रों में सड़क संपर्क शीघ्र बहाल करने को कहा गया, ताकि सेब की फसल समय पर मंडियों तक पहुंच सके। साथ ही बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सेवाओं को भी प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने के निर्देश दिए गए।
प्रभावितों को किराया देने की शर्तों में ढील देगी सरकार
सीएम सुक्खू ने कहा कि आपदा प्रभावित परिवारों को विशेष राहत पैकेज के तहत शहरी क्षेत्रों में ₹10,000 और ग्रामीण क्षेत्रों में ₹5,000 मासिक किराया प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि किराया देने की शर्तों में ढील देने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक बेघर परिवारों को लाभ मिल सके। असुरक्षित भवनों में रह रहे लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, उपमुख्य-सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक हरदीप सिंह बावा, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार गोकुल बुटेल, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व के.के. पंत, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल त्रिवेदी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, विभिन्न जिलों के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
