एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर SOCH Literary Society ने महाविद्यालय परिसर में ग्रीन रिबन अभियान का आयोजन कर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने की एक सराहनीय पहल की। इस अभियान के अंतर्गत समिति के सदस्यों ने प्राचार्य और शिक्षकों को ग्रीन रिबन लगाकर मानसिक स्वास्थ्य के समर्थन का प्रतीक प्रस्तुत किया।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और समाज में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझाना और इसके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना था। शिक्षकों ने इस अवसर पर छात्रों का मनोबल बढ़ाया, उन्हें मार्गदर्शन और मानसिक समर्थन प्रदान किया, जिससे एक सुरक्षित और सहयोगपूर्ण वातावरण का निर्माण हुआ जहाँ छात्र बिना संकोच के अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सकें।
SOCH की अध्यक्ष पूजा ने अपने वक्तव्य में कहा, “आज का समय बहुत अधिक मानसिक दबाव से भरा हुआ है। लगभग हर व्यक्ति किसी न किसी आंतरिक संघर्ष से गुजर रहा है, जो उसके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। यदि समय पर ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या आत्महत्या जैसी गंभीर स्थिति में बदल सकती है।”
उपाध्यक्ष खुशी ने भी पूजा की बातों का समर्थन करते हुए कहा, “जब हम अपनी समस्याओं को किसी से साझा करते हैं, तो मानसिक बोझ हल्का होता है और समाधान की दिशा भी मिलती है। बातचीत करने से व्यक्ति को भावनात्मक सहारा मिलता है और वह अकेलापन महसूस नहीं करता।”
इस सामाजिक जागरूकता अभियान में हनी, तिशांत, रजत, स्नेहा, प्रेरणा, गगनदीप, प्राची और आंचल ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी भागीदारी से यह संदेश और अधिक प्रभावी बना कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है।