एआरबी टाइम्स ब्यूरो, किन्नौर
जनजातीय जिला किन्नौर के शारबो में आपदा न्यूनीकरण अंतर्राष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य पंचायत स्तर पर आपदा प्रबंधन क्षमताओं को सुदृढ़ करना था। इस अवसर पर कमांडेंट होमगार्ड सुरेश चौहान ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। यदि ग्रामीण स्तर पर त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया दी जाए, तो आपदा के समय जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान, जिले की विभिन्न पंचायतों के आपदा स्वयंसेवियों को आपदा कीट प्रदान किए गई। उन्होंने स्वयंसेवियों से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी का उपयोग अपने गांवों में जागरूकता फैलाने और संकट की स्थिति में तत्परता से कार्य करने में करें। DDMA के प्रशिक्षण समन्वयक सौरभ धीमान ने बताया कि जिला की सभी 73 पंचायतों में आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पहले चरण में सांगला, सपनी, पूह, पंगी, सुंगरा, ऊरनी और रूपी सहित 8 पंचायतों को आपदा कीट प्रदान किए गए हैं।
प्रत्येक प्रतिक्रिया केंद्र में प्राथमिक उपचार किट, रस्सी, हेलमेट, तिरपाल, टॉर्च, जीवनरक्षक उपकरण और संचार साधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे पंचायत स्तर पर आपदा से निपटने की तैयारी में उल्लेखनीय सुधार होगा और राहत-बचाव कार्यों की गति बढ़ेगी।
इस कार्यक्रम में DDMA अधिकारी, पंचायत प्रधान, जनप्रतिनिधि, होमगार्ड, राजस्व विभाग तथा अन्य विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे। स्वयंसेवियों को आपदा से निपटने के व्यावहारिक प्रशिक्षण और सुरक्षा उपायों की जानकारी भी दी गई।
