एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
राज्य खाद्य आयोग, हिमाचल प्रदेश द्वारा किए गए नियमित निरीक्षण के दौरान धार चांदना सर्कल के अंतर्गत आने वाले दस आंगनवाड़ी केंद्र बंद पाए गए। आयोग की टीम ने जब इन केंद्रों का दौरा किया, तो संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बुलाकर केंद्र खोले गए और विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि बच्चों को परोसे जाने वाले चावल में घुन और कीड़े लगे हुए थे।
इस गंभीर लापरवाही पर राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एस. पी. कत्याल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए दूषित खाद्य सामग्री के वितरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करने के आदेश भी जारी किए।
निरीक्षण के दौरान जिन आंगनवाड़ी केंद्रों में अनियमितताएं पाई गईं, उनमें गांवखर, धार-I, धार-II, शरद, बेथाड़ी, डाक, बवात, ओरन, मुशाड़ी और मझगांव (उपमंडल कुपवी) शामिल हैं। यह मामला बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से सीधे जुड़ा होने के कारण आयोग ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया है।
राज्य खाद्य आयोग ने संबंधित क्षेत्र की सीडीपीओ, चौपाल को निर्देशित किया है कि वे इस मामले की विस्तृत जांच कर दोषी कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करें और तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही, भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो, इसके लिए खाद्य सामग्री के भंडारण, परिवहन और वितरण की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
डॉ. कत्याल ने कहा कि बच्चों के पोषण से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।