एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के उपमंडल ठियोग की क्यार पंचायत के नमाणा गांव में शनिवार को भीषण आग लगने से लकड़ी के पांच मकान जलकर राख हो गए। इस अग्निकांड में एक गाय जिंदा जल गई, जबकि पांच परिवारों के 24 सदस्य बेघर हो गए। हादसे में लाखों रुपये का नुकसान बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे गांव के एक घर में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते लपटों ने आसपास के चार अन्य मकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने के दौरान एक सिलिंडर फट गया, जिससे आग और भी विकराल हो गई। घटना के समय कई लोग अपने कामकाज और खेतों में घास काटने गए हुए थे। ग्रामीणों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी और खुद टुल्लू पंप और स्प्रे पंप से आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। लेकिन मकान लकड़ी के बने होने के कारण लपटें तेजी से फैलती चली गईं।
सड़क तंग होने से मौके पर नहीं पहुंचे फायर टेंडर
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर रवाना की गईं, लेकिन गांव की सड़क संकरी और क्षतिग्रस्त होने के कारण बड़े फायर टेंडर मौके तक नहीं पहुंच पाए। कोटखाई से 250 लीटर फोम वाली गाड़ी पहुंची, जबकि शिमला से 2500 लीटर पानी वाला छोटा टेंडर बुलाया गया, मगर वह भी देर से पहुंचा। इससे आग पर काबू पाने में काफी मुश्किलें आईं। इस अग्निकांड में जिन परिवारों के मकान जले हैं, उनमें तीन सगे भाई बालक राम, संतराम और लायक राम के अलावा हरि राम और रति राम शामिल हैं।
जीवन भर की जमा पूंजी पल भर में राख
इन परिवारों की जीवन भर की पूंजी इस आग में राख हो गई। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को पांच-पांच हजार रुपये की फौरी राहत राशि, तरपाल और कंबल मुहैया कराए गए हैं। प्रभावितों के लिए अब सामुदायिक भवन में अस्थायी ठहराव की व्यवस्था की गई है। स्थानीय लोग भोजन और जरूरी सामान की व्यवस्था में सहयोग कर रहे हैं। आग की वजह से प्रभावित परिवारों के स्कूल जाने वाले बच्चों की किताबें, कपड़े और जरूरी दस्तावेज तक जल गए। पीड़ित परिवारों ने सरकार से आवास और आर्थिक सहायता की मांग की है।
