एआरबी टाइम्स ब्यूरो, बिलासपुर
प्रदेश सरकार ने घुमारवीं के भदरोग क्षेत्र को औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया है। नगर नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने सोमवार को घोषणा की कि भदरोग औद्योगिक क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के निर्माण पर लगभग 12 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मंत्री धर्माणी ने बताया कि इस परियोजना के तहत सड़क, बिजली, पानी, अपशिष्ट जल प्रबंधन और लॉजिस्टिक सेवाओं जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता से विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय बिजली आपूर्ति और जल उपलब्धता किसी भी उद्योग की रीढ़ होती है, और भदरोग क्षेत्र को इन दोनों सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा।
64 करोड़ से करयालग में बनेगा 132 केवी सब स्टेशन
घुमारवीं क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही लो-वोल्टेज समस्या को समाप्त करने के लिए करयालग में 132 केवी का सब स्टेशन 64 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसके निर्माण से आगामी 20 से 25 वर्षों तक बिजली समस्या का स्थायी समाधान होगा। इसके अलावा, बम्म-हटवार और बगैड़ में भी नए सब स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जिससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
मंत्री ने कहा कि भदरोग औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना से न केवल घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र बल्कि पूरे बिलासपुर जिले का आर्थिक परिदृश्य बदलेगा। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, साथ ही स्थानीय निकायों की राजस्व आय में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों के समूह बनने से ज्ञान-साझाकरण, आपसी सहयोग और आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता में वृद्धि होगी, जिससे घुमारवीं एक उभरता हुआ औद्योगिक हब बनेगा।
आईटीआई भवन और डिजिटल यूनिवर्सिटी से बढ़ेगा कौशल विकास
मंत्री धर्माणी ने बताया कि सियूं पंचायत के अंतर्गत आईटीआई भवन निर्माण कार्य पर 15 करोड़ 50 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे। 5 करोड़ 50 लाख रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है और चारदिवारी निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
आईटीआई भवन, औद्योगिक क्षेत्र और प्रस्तावित डिजिटल यूनिवर्सिटी के निर्माण से यह इलाका तेजी से विकसित शहरी क्षेत्र बनेगा।
भदरोग में विकास कार्यों को मिली नई गति
भदरोग गांव में रेन शेल्टर निर्माण के लिए 3 लाख, सड़कों की मरम्मत के लिए 3 लाख, और पुलिया निर्माण के लिए 10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही एंबुलेंस सड़क निर्माण कार्य को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीण विकास को सरकार की प्राथमिकता
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों को रोजगार, शिक्षा और उद्योग के नए अवसरों से जोड़ा जाए, ताकि लोग आत्मनिर्भर बनें और क्षेत्रीय विकास को गति मिले।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रधान पवन कुमार, पूर्व प्रधान राजेश कुमार, रामस्वरूप, रामकृष्ण पटियाल, कांता शर्मा और विद्या देवी सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।
