एआरबी टाइम्स ब्यूरो, मंडी
नगर एवं ग्राम नियोजन, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक तथा औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं, विशेषकर नर्सिंग और पैरामेडिकल क्षेत्र की छात्राओं को विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार ने श्रम विभाग के तहत ओवरसीज रोजगार परियोजना शुरू की है, जिससे विदेश में काम करने का सपना अब साकार हो सकेगा।
राजेश धर्माणी श्री साईं कॉलेज ऑफ नर्सिंग व श्री साईं इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंस, डडोह (अपर बेहली), सुंदरनगर में आयोजित वार्षिक उत्सव ‘साईं केयर कार्निवल 2025’ में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।
स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका
मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का संपूर्ण संचालन नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की दक्षता पर निर्भर करता है। डॉक्टरों के साथ नर्सें वास्तविक सेवा की मुख्य आधार स्तंभ हैं। उन्होंने छात्राओं से सेवा भावना और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।
स्वास्थ्य ढांचे को अत्याधुनिक बनाया जा रहा है
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी छह मेडिकल कॉलेज कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में स्थापित हुए हैं। 20 वर्ष पुरानी एमआरआई और अन्य मशीनों को बदला जा रहा है, दो मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी शुरू की जा चुकी है तथा 125 करोड़ रुपये से अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं विकसित हो रही हैं।
जर्मन भाषा प्रशिक्षण से विदेश में रोजगार के अवसर
मंत्री ने संस्थान में जर्मन भाषा प्रशिक्षण की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे विदेशों में काम करने का मार्ग सुगम होगा। सरकार का लक्ष्य है कि हिमाचल की नर्सें भी केरल की नर्सों की तरह अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाएं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जीता मन
कार्यक्रम में मंडी का लुड्डी, गिद्दा, कश्मीरी नृत्य, शिव तांडव और मंडयाली आइडल जैसी आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंत्री ने मेधावी छात्राओं को सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन एम.एल. चौहान, जिला परिषद सदस्य जसवीर सिंह, निदेशक हिमाचल प्रदेश सहकारी बैंक लाल सिंह कौशल, पुलिस अधीक्षक सुंदरनगर भरत भूषण, स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।
