एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
विशेष सत्र न्यायालय रोहड़ू के न्यायाधीश अनिल शर्मा ने एक अहम फैसला सुनाते हुए 39 वर्षीय बलवान सिंह पुत्र भगवान सिंह एवं 44 वर्षीय जोगिन्दर सिंह पुत्र बालक राम, दोनों निवासी गांव एवं डाकघर अढाल, तहसील रोहड़ू (जिला शिमला) को अभियोग संख्या 85/2022 में दोषी ठहराया है। अदालत ने दोनों अभियुक्तों को धारा 22 व 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत 4-4 वर्ष की कठोर कारावास एवं 20-20 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सरकार की ओर से मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी सुचित्रा अग्रवाल ने की। मामला 30 मई 2022 का है, जब मुख्य आरक्षी डंढियाण, आरक्षी अनिल कुमार और आरक्षी मनमोहन सिंह गश्त और सुराग बरारी पर थे। इसी दौरान न्यू बस स्टैंड रोहड़ू के पास वाहन संख्या HP10A 0902 की चेकिंग की गई। वाहन के डैशबोर्ड से प्रतिबंधित दवा नाइट्राजेपाम बरामद हुई। आरोपियों के पास किसी भी प्रकार का लाइसेंस या परमिट नहीं था, जिसके आधार पर पुलिस थाना रोहड़ू में मामला दर्ज किया गया।
अभियोग की जांच मुख्य आरक्षी कुलदीप डंढियाण द्वारा की गई और चालान विशेष सत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन के दौरान 11 गवाहों के बयान दर्ज हुए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोप सिद्ध मानते हुए यह फैसला सुनाया।
