एआरबी टाइम्स ब्यूरो, बिलासपुर
नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसी उद्देश्य से प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि सरकारी स्कूलों में भी आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा उपलब्ध हो सके। धर्माणी घुमारवीं उपमंडल के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हटवाड़ में आयोजित क्लस्टर स्तरीय वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। कार्यक्रम में हटवाड़ क्लस्टर के अंतर्गत आने वाले सात विद्यालयों के लगभग एक हजार विद्यार्थियों ने भाग लिया।
उन्होंने घोषणा की कि हटवाड़ स्कूल को भी शीघ्र ही डे-बोर्डिंग स्कूल में परिवर्तित किया जाएगा। इसके निर्माण पर लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके लिए 25 बीघा भूमि विभाग के नाम हस्तांतरित कर दी गई है और 3.5 करोड़ रुपये हिमुडा को कार्य प्रारंभ हेतु उपलब्ध करवा दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि निर्माण कार्य बहुत जल्द शुरू होगा तथा भविष्य में इसे सीबीएसई आधारित मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार के इस निर्णय से उन अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी जो निजी स्कूलों की अधिक फीस वहन करने में सक्षम नहीं हैं और अब सरकारी स्कूल में ही आधुनिक एवं उच्च स्तरीय शिक्षा उपलब्ध होगी।
मंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि असफलता किसी यात्रा का अंत नहीं, बल्कि सीखने और आगे बढ़ने का अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारण, सकारात्मक सोच और निरंतर परिश्रम का संदेश दिया। साथ ही शिक्षकों से आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों में जीवन कौशल, संचार कौशल, समस्या समाधान क्षमता और व्यक्तित्व विकास पर ध्यान केंद्रित करें।
उन्होंने मंच के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि स्टेज पर आने से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और छिपी हुई प्रतिभाएं निखरती हैं, इसलिए हर बच्चे को मंच पर आने का अवसर मिलना चाहिए। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण, विज्ञान मॉडलिंग, चित्रकला और योग सहित कई प्रतियोगिताओं में प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर सेवानिवृत्त उपनिदेशक पशुपालन डॉ. किशोरी लाल ने हटवाड़ स्कूल को गोद लेने का निर्णय लेते हुए 11 हजार रुपये का योगदान भी दिया।
