एआरबी टाइम्स ब्यूरो, ऊना
स्वामी विवेकानंद सेवा ट्रस्ट चिंतपूर्णी के अध्यक्ष गौरव कुमार ने जिला ऊना में पिछले महीनों से लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं, गोलीकांड, अवैध खनन तथा प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जिला अब अपराध, गैंग गतिविधियों और माफिया तंत्र के कारण भय के वातावरण में जीने को मजबूर है, जबकि प्रशासन और पुलिस व्यवस्था इन घटनाओं को रोकने में विफल साबित हो रही है।
उन्होंने कहा कि ऊना में हर सप्ताह किसी न किसी नए गोलीकांड या हिंसक वारदात के सामने आने से यह स्पष्ट है कि अपराधियों में कानून का भय समाप्त हो गया है। खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन, सड़कों पर फायरिंग और गिरोहों की बढ़ती सक्रियता कानून-व्यवस्था के बिगड़े हालात की पुष्टि करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में खनन माफिया इतनी मजबूती से सक्रिय है कि अवैध खनन एक संगठित उद्योग का रूप ले चुका है, जिससे नदियों, पर्यावरण और स्थानीय समाज को भारी नुकसान हो रहा है। कई मामलों में इस माफिया को प्रशासनिक संरक्षण मिलने का संदेह भी बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर कुछ अधिकारियों का जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बजाय कार्यक्रमों, फोटोशूट और दिखावटी गतिविधियों में समय व्यतीत करना हालात को और खराब कर रहा है। सरकार की लापरवाह निगरानी ने अपराधियों को और ज्यादा बेखौफ बना दिया है।
राज्यपाल के समक्ष रखी प्रमुख माँगें—
-
जिला ऊना में बढ़ते अपराध और गोलीकांड की हाई-लेवल जांच SIT या स्वतंत्र एजेंसी से करवाई जाए।
-
खनन माफिया के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर अवैध खनन पर पूर्ण रोक लगाई जाए।
-
अपराधियों को संरक्षण देने वाले अधिकारियों की पहचान कर कठोर विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाए।
-
जिले में अतिरिक्त पुलिस बल, विशेष पेट्रोलिंग और मजबूत इंटेलिजेंस नेटवर्क स्थापित किया जाए।
-
प्रशासन और पुलिस को जवाबदेह बनाते हुए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
अंत में, गौरव कुमार ने कहा कि जिला ऊना की स्थिति बेहद गंभीर है और तब तक सामान्य नहीं हो सकती जब तक राज्य की सर्वोच्च प्राधिकरण द्वारा कठोर हस्तक्षेप न किया जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश सरकार और राजभवन तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाएँगे। इस दौरान ट्रस्ट के सदस्य साक्षी, नेहा, तानिशा, अभिषेक, निशांत, अशरफ, चिराग, पूनम, आंचल, समर्थ, अभिनय आदि उपस्थित रहे।
