एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
अंतर्राष्ट्रीय लवी मेला आधिकारिक रूप से 14 नवंबर को समाप्त हो चुका है, लेकिन मेला मैदान और मुख्य सड़क पर अभी भी अस्थायी दुकानें व सबलेटिंग की गतिविधियां जारी रहने पर प्रशासन ने अब कड़ा रुख अपना लिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 30 नवंबर तक हर हाल में मेला मैदान और राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगी सभी दुकानों को हटाना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा का पालन न करने पर बिजली और पानी के कनेक्शन तत्काल काट दिए जाएंगे।
उपमंडलाधिकारी रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह ने बताया कि मेला समाप्त होने के बावजूद 30 नवंबर तक व्यापार की अनुमति दी गई थी, जो अब अंतिम तिथि होगी। उन्होंने कहा कि मेले की दुकानों से स्थानीय व्यापारियों को नुकसान झेलना पड़ता है, साथ ही बाहरी लोगों, स्कूली छात्रों और रोज़ाना काम पर जाने वाले नागरिकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
एसडीएम ने बताया कि मेला समाप्त होने के बाद भी कई व्यापारी अपने प्लॉट अनधिकृत रूप से दूसरों को सबलेट कर रहे हैं, महंगे दाम वसूल रहे हैं और बिना अनुमति दुकानें चला रहे हैं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बुधवार और वीरवार को प्रशासन ने दुकानों का निरीक्षण किया, जिसमें कई दुकानदारों के पास कोई पर्ची या दस्तावेज नहीं मिले। ऐसे मामलों में सुरक्षा राशि जब्त कर आवंटन रद्द किया गया है। अभी तक कुल छह व्यापारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। प्रशासन सबलेटिंग करने वालों की सूची तैयार कर रहा है और ऐसे लोगों को आगामी पांच वर्षों तक मेले की नीलामी प्रक्रिया से ब्लैकलिस्ट करने के लिए उपायुक्त शिमला को प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
एसडीएम ने चेतावनी दी कि यदि 30 नवंबर तक दुकानें नहीं हटाई गईं, तो नगर परिषद रामपुर की सहायता से सामान जब्त करके कार्रवाई की जाएगी।
