एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
शिमला जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने मॉल रोड और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में रैलियों, प्रदर्शनों, नारेबाज़ी तथा हथियारनुमा वस्तुओं के उपयोग पर प्रतिबंध लागू कर दिया है। पंजाब सिक्योरिटी ऑफ स्टेट एक्ट, 1953 (जैसा कि हिमाचल प्रदेश में लागू है) की धारा 6 के तहत जारी यह आदेश 1 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा।
मॉल रोड सहित कई क्षेत्रों को घोषित किया गया प्रतिबंधित ज़ोन
आदेश के अनुसार छोटा शिमला से केनेडी हाउस और द रिज तक द मॉल रोड, रेंदेवू रेस्टोरेंट से रिवोली सिनेमा तक 150 मीटर क्षेत्र, स्कैंडल प्वाइंट से कालीबाड़ी मंदिर तक, छोटा शिमला गुरुद्वारा से कसुम्पटी रोड तक लिंक रोड, छोटा शिमला चौक से राजभवन होते हुए ओक ओवर तक, कार्ट रोड से मजीठिया हाउस तक लिंक रोड, ए.जी. ऑफिस से कार्ट रोड मार्ग, सीपीडब्ल्यूडी ऑफिस से चौरा मैदान और पुलिस गुमटी से लोअर बाज़ार की ओर 50 मीटर क्षेत्र को प्रतिबंधित घोषित किया गया है।
इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की रैली, जुलूस, प्रदर्शन, सार्वजनिक सभा, नारेबाज़ी या बैंड बजाने से पूर्व सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आदेश में पुलिस, पैरामिलिट्री और सैन्य बलों को उनके ड्यूटी संचालन के दौरान छूट दी गई है।
प्रवासी मजदूरों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन
दूसरे आदेश में डीसी अनुपम कश्यप ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रवासी मजदूरों, रेहड़ी-फड़ी, फेरी वालों और बाहरी राज्यों से अस्थायी रूप से रह रहे कामगारों के लिए पहचान एवं पृष्ठभूमि सत्यापन अनिवार्य किया है।
अब कोई भी नियोक्ता, ठेकेदार या व्यापारी तब तक किसी प्रवासी मजदूर को कार्य पर नहीं लगाएगा जब तक वह उसका पूरा विवरण और पासपोर्ट आकार का फोटो संबंधित थाना प्रभारी को सत्यापन हेतु प्रस्तुत नहीं कर देता।
शिमला जिला में स्वरोज़गार या अस्थायी कार्य तलाशने आने वाले बाहरी व्यक्ति को भी रोजगार शुरू करने से पूर्व अपने आशय की जानकारी नजदीकी थाना प्रभारी को देनी होगी।
आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश भी 1 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा और मामले की तात्कालिकता के कारण एक्स-पार्टी जारी किया गया है।
