एआरबी टाइम्स ब्यूराे, रामपुर बुशहर
एबीवीपी जिला रामपुर इकाई ने प्रदेश में बढ़ती बेरोज़गारी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आज महाविद्यालय परिसर से राष्ट्रीय राजमार्ग-05 तक शव यात्रा निकाली। प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश सरकार को विद्यार्थियों और युवाओं के महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रभावी व ठोस कदम उठाने के लिए मजबूर करना था।
जिला संयोजक रवि वर्मा ने कहा कि प्रदेश में बेरोज़गारी चरम पर है और सरकार द्वारा पांच लाख नौकरियों के दावों ने युवाओं में निराशा बढ़ाई है। उन्होंने सरकार से स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने की मांग उठाई। साथ ही, उन्होंने कई अन्य अहम मुद्दों पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया। वर्मा ने छात्र संघ चुनावों को पुनः बहाल करने की मांग की, ताकि विद्यार्थियों की समस्याओं को उचित मंच मिल सके। इसके अलावा, सरदार पटेल विश्वविद्यालय का दायरा बढ़ाने, कृषि विश्वविद्यालय की 112 हेक्टेयर भूमि को सरकार को वापस हस्तांतरित करने और अवैध कब्जे रोकने की मांग भी शामिल थी।
एबीवीपी ने कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर, तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर और नौनी विश्वविद्यालय में स्थाई कुलपतियों की जल्द नियुक्ति की आवश्यकता पर जोर दिया। केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश, धर्मशाला परिसर में भवन निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए पर्यावरण एवं वन मंत्रालय में लंबित 30 करोड़ रुपये तुरंत जमा करवाने की भी मांग उठाई गई। परिषद ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को पूर्ण रूप से लागू करने, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय क्षेत्रीय केंद्रों की आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने तथा विश्वविद्यालयों (HPU/SPU) की मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी व सुदृढ़ करने की मांग पर भी प्रकाश डाला।
प्रदेश के 100 स्कूलों को परिवर्तित करने के निर्णय को वापस लेने, प्रदेश में बढ़ती नशा समस्या और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर तुरंत गंभीर कदम उठाने की मांग भी प्रमुख रही। साथ ही एबीवीपी ने रामपुर ओल्ड बस स्टैंड से महाविद्यालय परिसर तक सुरक्षित आवागमन के लिए फुटपाथ का निर्माण करवाने की आवश्यकता भी उठाई।
रवि वर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रदेश सरकार उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं करती है, तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। एबीवीपी जिला रामपुर इकाई ने स्पष्ट किया कि सरकार विद्यार्थियों और युवाओं की आवाज़ को गंभीरता से सुने और उनके भविष्य के हित में सकारात्मक निर्णय ले।
