एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
ठियोग उपमंडल में उपायुक्त अनुपम कश्यप ने राजस्व विभाग के अधिकारियों व फील्ड स्टाफ के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब राजस्व कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी उपमंडलों में पटवारियों के साथ नियमित बैठकें की जाएंगी, जिसकी शुरुआत ठियोग से की गई है।
उपायुक्त ने कहा कि भूमिहीनों के आवेदन सीधे उपायुक्त कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन संबंधित पटवारियों के पास नहीं। यह गंभीर खामी है। उन्होंने सरकारी विभागों के नाम दर्ज भूमि की स्थिति की जानकारी न दे पाने पर भी नाराज़गी जताई और ऐसी सभी भूमि को चिन्हित कर भूमिहीनों को उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
विशेष आपदा राहत पैकेज-2023 के तहत ठियोग उपमंडल में बन रहे 323 मकानों के निरीक्षण में भारी लापरवाही उजागर हुई। 98 प्रतिशत पटवारियों ने अभी तक मौके पर जाकर निरीक्षण ही नहीं किया। उपायुक्त ने दो सप्ताह के भीतर सभी निरीक्षण पूरे कर रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए। रोज़ नामचा में फील्ड विज़िट की अनिवार्य एंट्री सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
उपायुक्त ने धारा-118 के तहत किए गए म्यूटेशन कार्यों की अद्यतन रिपोर्ट एक सप्ताह में उपायुक्त कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए। ततीमा काटने के प्रत्येक मामले में रिकॉर्ड एंट्री अनिवार्य की गई है, अन्यथा संबंधित पटवारी के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
बैठक में यह भी सामने आया कि अधिकांश पटवारी अपने-अपने क्षेत्र के लंबरदारों के नाम तक नहीं बता पाए। उपायुक्त ने इसे राजस्व व्यवस्था की बड़ी लापरवाही बताया और सभी कर्मचारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की सख्त हिदायत दी।
पटवारियों को स्कूलों में मिड-डे मील और बच्चों के शौचालयों की स्थिति का औचक निरीक्षण करने, वरिष्ठ नागरिकों से शालीन व्यवहार करने तथा आपदा के समय मौके की रिपोर्ट तुरंत प्रशासन को देने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में एडीएम प्रोटोकॉल ज्योति राणा, एसडीएम ठियोग डॉ. शशांक गुप्ता, जिला राजस्व अधिकारी सुमेध शर्मा, नायब तहसीलदार, कानूनगो व सभी पटवारी उपस्थित रहे।
