एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संघ का कहना है कि वर्ष 2025 की परीक्षाओं का मानदेय अभी तक लंबित है, जबकि इसी दौरान बोर्ड ने रिटेंशन फीस में भारी बढ़ोतरी कर दी है, जो शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन के हितों के खिलाफ है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष अजय नेगी ने बताया कि मार्च, अप्रैल और सितंबर 2025 की परीक्षाओं व मूल्यांकन कार्य का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों में इसको लेकर भारी रोष है, क्योंकि मार्च 2026 की परीक्षाएं नजदीक हैं, लेकिन पिछले वर्ष का मानदेय अब भी अटका हुआ है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस बीच रिटेंशन फीस को बिना किसी ठोस तर्क के 8 हजार रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दिया गया है, जो पूरी तरह से अनुचित है। इससे निजी स्कूलों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। संघ की राज्य व जिला कार्यकारिणी, जिसमें अजय नेगी, इंदर सिंह ठाकुर, लोकेंद्र नेगी, राजेश सैनी, सुरेंद्र पुंडीर, दीप सिंह खन्ना, राकेश भारद्वाज, ओम प्रकाश, संजय शर्मा, शौकत अली, विकास रत्न, राजेंद्र मैठा, सूरज वाली, अजय ठाकुर, जगमोहन, राजेश शर्मा, चन्द्र देव ठाकुर, रंगीला ठाकुर, सुरजीत सिसोदिया, जय राम शर्मा, रिजन शर्मा, भूपेश नेगी, विजय आर्य, मुदिता भारद्वाज, दया दत्ता, सोनू सेन, रोजी चौहान, राजपाल ठाकुर, नरेश ठाकुर, देवेंद्र शर्मा, देवेंद्र लाकटू, सिकंदर मिन्हास, जय लाल जलपायक, डॉ. ईश्वर दास राही, शशि सैनी, गौतम सिंह, विवेक भारद्वाज और राजेश ठाकुर शामिल हैं, ने सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।
प्रदेशाध्यक्ष अजय नेगी ने चेतावनी दी कि यदि बोर्ड की मनमानी पर समय रहते रोक नहीं लगी तो इससे प्रदेश सरकार की छवि भी प्रभावित होगी और हालात और गंभीर हो सकते हैं।
