एआरबी टाइम्स ब्यूरो, किन्नौर
जनजातीय जिला किन्नौर के मुख्यालय रिकांग पिओ स्थित एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना भवन के सम्मेलन कक्ष में विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) एवं स्थानीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण (लाडा) की आंतरिक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने की। इस अवसर पर सीएसआर (जेएसडब्ल्यू एवं एसजेवीएनएल) से संबंधित बैठक का भी आयोजन किया गया।
राजस्व मंत्री ने साडा एवं लाडा के तहत आयोजित बैठकों में दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्देशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों व संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने साडा के अंतर्गत विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने तथा लाडा की धनराशि का उचित निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कैबिनेट मंत्री ने कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) की राशि का पारदर्शी व प्रभावी उपयोग करने पर बल दिया। उन्होंने पंचायतों को निर्देश दिए कि वे अपनी पंचायत से दो-दो विकास योजनाएं तैयार कर सीएसआर के माध्यम से कार्यान्वित करवाएं।
बैठक में संबंधित कंपनियों द्वारा पिछले तीन वर्षों में सीएसआर के अंतर्गत किए गए कार्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया गया तथा लंबित परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त नववर्ष के अवसर पर सीएसआर के तहत प्रस्तावित विकास योजनाओं के लिए उपलब्ध करवाई जाने वाली राशि के सदुपयोग पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
इसके उपरांत राजस्व मंत्री ने लोक निर्माण विभाग कल्पा एवं करछम मंडल के अधिशाषी अभियंताओं के साथ बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न विकासात्मक कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। मंत्री ने लंबित निर्माण कार्यों को शीघ्र एवं समयबद्ध सीमा में पूर्ण करने के निर्देश देते हुए गुणवत्ता से किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि समय पर कार्य पूर्ण न करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक की कार्यवाही का संचालन उपमंडलाधिकारी कल्पा एवं सदस्य सचिव साडा व लाडा अमित कल्थाईक ने किया तथा विभिन्न विकासात्मक कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा, परियोजना अधिकारी एकीकृत जनजातीय विकास प्राधिकरण घनश्याम दास शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक उमेश्वर राणा, जल विद्युत परियोजनाओं से प्रभावित सदस्य, गैर-सरकारी सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
