एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
हिमाचल किसान सभा लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी के आह्वान पर आज परियोजना प्रभावित किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और विरोध स्वरूप परियोजना का कार्य भी बंद करवा दिया। इस प्रदर्शन में सैकड़ों किसानों ने भाग लिया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए हिमाचल किसान सभा के राज्य महासचिव राकेश सिंहा, डॉ. ओंकार शाद, प्रभावित कमेटी के महासचिव देवकी नंद, अध्यक्षा कृष्णा राणा, कपिल ठाकुर और प्रेम चौहान ने प्रदेश सरकार, प्रशासन और सतलुज जल विद्युत निगम (SJVN) पर किसानों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याएं कई बार निगम के समक्ष उठाई गईं और लिखित समझौते भी हुए, लेकिन उन्हें लागू नहीं किया गया, जिससे प्रभावितों में रोष बढ़ता जा रहा है।
नेताओं ने बताया कि वर्ष 2021 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के दौरान धूल और ब्लास्टिंग से फसलों और मकानों को भारी नुकसान हुआ, जिसकी भरपाई अब तक अधूरी है। फसल नुकसान का मुआवजा केवल कुछ पंचायतों—देलठ, नीरथ और देहरा के गांव आनस—में ही वर्ष 2021-22 के लिए दिया गया है, जबकि शमाथला, भूटी, फाटी देहरा, बायल और गड़ैच में सर्वे के बावजूद भुगतान लंबित है। इसी तरह, ब्लास्टिंग से मकानों में आई दरारों का मुआवजा भी केवल कुछ पंचायतों तक सीमित रहा है, जबकि निथर, भूटी, कारंगला और बढ़ाच में सर्वे के बाद भी भुगतान नहीं हुआ।
इसके अलावा, जिन परिवारों ने परियोजना के लिए भूमि दी, उन्हें रोजगार के बदले मिलने वाली एकमुश्त राशि भी अब तक 120 परिवारों को नहीं मिली है। बरकेली क्षेत्र के 33 परिवारों को भी फसल मुआवजा नहीं मिला है। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि परियोजना के शुरू होने से ही प्रभावितों के साथ छल किया गया है और जो भी उपलब्धियां मिली हैं, वह किसानों की एकजुटता का परिणाम हैं।
प्रदर्शन के दौरान किसान सभा, प्रशासन और एसजेवीएन के बीच बैठक भी हुई, जिसमें एसडीएम रामपुर और निरमंड सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में कुछ मुद्दों पर सहमति बनी, जिनमें बरकेली के छूटे परिवारों को धूल मुआवजा देना और एकमुश्त राशि का मुद्दा जून माह की आर एंड आर बैठक में उठाना शामिल है। किसान सभा ने अन्य मांगों में सर्वे के बाद लंबित मुआवजा तुरंत देने, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और शेष क्षेत्रों में सर्वे पूरा करने की मांग दोहराई। एसजेवीएन ने इन मुद्दों के शीघ्र समाधान और मुआवजे के वितरण का आश्वासन दिया है।
इस प्रदर्शन में रणजीत ठाकुर, काकू कश्यप, अशोक, निहाल चंद, हरदयाल, गंगा राम, देवेंद्र, महेंद्र, सरोजना, कृष्ण, ऋषि, जोगिंदर, वीरेंद्र, सुंदर, रेखा, ममता, कला देवी, रीचा, नकी, बविता, कमलेश, सविता, सुनीता और रंजना सहित कई किसान शामिल रहे।
