एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
हिमाचल किसान सभा लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी के आह्वान पर प्रोजेक्ट से प्रभावित किसान अपनी लंबित मांगों को लेकर 24 अप्रैल को निरथ में प्रदर्शन करेंगे। इस प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए प्रभावित पंचायतों के गांव-गांव में बैठकें आयोजित कर आम जनता को संगठित किया जा रहा है।
कमेटी के महासचिव देवकी नंद, अध्यक्षा कृष्णा राणा, कपिल ठाकुर और प्रेम चौहान ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार, प्रशासन और सतलुज जल विद्युत निगम किसानों की समस्याओं के समाधान में पूरी तरह विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई बार निगम के साथ लिखित समझौते हुए, लेकिन उन्हें लागू नहीं किया गया, जिससे किसानों में भारी रोष है।
किसानों का कहना है कि वर्ष 2021 में परियोजना शुरू होने के बाद धूल और ब्लास्टिंग से फसलों और मकानों को नुकसान हुआ, जिसकी भरपाई अब तक पूरी नहीं की गई। देलठ, निरथ और देहरा पंचायत के गांव आनस में केवल 2021-22 का ही मुआवजा दिया गया है, जबकि शमाथला, भूटी, फाटी देहरा, बायल और गड़ैच पंचायतों में सर्वे होने के बावजूद भुगतान लंबित है। इसी तरह ब्लास्टिंग से मकानों में आई दरारों का मुआवजा भी कुछ पंचायतों तक सीमित रहा है, जबकि निथर, भूटी, कारंगला और बढ़ाच क्षेत्रों में सर्वे के बावजूद मुआवजा नहीं दिया गया है।
इसके अलावा जिन 120 परिवारों ने अपनी जमीन परियोजना के लिए दी, उन्हें रोजगार के बदले मिलने वाली एकमुश्त राशि अब तक नहीं दी गई है। बरकेली में भी 33 परिवारों को फसल नुकसान का मुआवजा नहीं मिला है। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि परियोजना निर्माण के दौरान लोगों को गुमराह किया गया है। उन्होंने कहा कि अब तक जो भी अधिकार मिले हैं, वह किसानों की एकजुटता और संघर्ष का परिणाम हैं।
किसान सभा ने स्पष्ट किया कि सभी लंबित मांगों और समझौतों को लागू कराने के लिए 24 अप्रैल को हजारों प्रभावित किसान निरथ में एकत्रित होंगे। उन्होंने निगम से मांग की है कि जहां-जहां सर्वे हो चुका है, वहां तुरंत मुआवजा दिया जाए, एकमुश्त राशि का भुगतान किया जाए, युवाओं को रोजगार दिया जाए और शेष क्षेत्रों में शीघ्र सर्वे कराया जाए।
