एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
शिमला के ऐतिहासिक चौड़ा मैदान में भाजपा महिला मोर्चा की ओर से आयोजित “जन आक्रोश महिला पदयात्रा” गुरुवार को विशाल जनसैलाब में बदल गई। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंची हजारों महिलाओं ने इसमें भाग लेकर कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। यह आयोजन केवल राजनीतिक रैली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं के अधिकार, सम्मान और भागीदारी की मजबूत आवाज बनकर सामने आया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्षा डेजी ठाकुर ने की। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और सह प्रभारी संजय टंडन मौजूद रहे। पूरे चौड़ा मैदान में नारी शक्ति के समर्थन में नारे गूंजते रहे, जिससे माहौल पूरी तरह ऊर्जावान हो गया।

महिलाओं को सिर्फ वोट बैंक समझती है कांग्रेस
डेजी ठाकुर ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों पर कांग्रेस का रवैया हमेशा नकारात्मक रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अधिकार देने की बात आती है, तो कांग्रेस पीछे हट जाती है। प्रदेश महामंत्री पायल वैद्य ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को 33% आरक्षण देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते इस अवसर को कमजोर किया। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रश्मि धर सूद ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस ने मिलकर महिलाओं के अधिकारों को दबाने का प्रयास किया। उन्होंने इसे केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय का विषय बताया।
बसें रोकने के आरोप
भाजपा विधायक रीना कश्यप ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने रैली से घबराकर प्रशासन का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर महिलाओं की बसों को रोका गया और उन्हें परेशान किया गया, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी ने सरकार की मंशा को विफल कर दिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर 1500 रुपये प्रतिमाह देने के वादे को लेकर भी सवाल उठाए और इसे “खुला छल” बताया।
राजनीतिक बदलाव की नींव
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि यह रैली आने वाले समय में बड़े राजनीतिक परिवर्तन का संकेत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं अब निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। रैली में शामिल महिलाओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर महिला अधिकारों के समर्थन में आवाज उठाई। भाजपा नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन आगे और व्यापक रूप लेगा और महिलाओं की समान भागीदारी के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
