एआरबी टाइम्स ब्यूरो | पालमपुर
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय पालमपुर ने चरस तस्करी के 7 साल पुराने एक मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी मुनीष कुमार को पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला 15 जनवरी 2018 का है, जब शाम करीब 5 बजे थाना बैजनाथ की पुलिस टीम मझेरना मोड़ के पास गश्त पर थी। इस दौरान पुलिस ने मुनीष कुमार को संदिग्ध हालत में घूमते देखा। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 500 ग्राम चरस बरामद हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। ठोस साक्ष्यों ने दिलाई सजा कोर्ट में पुलिस द्वारा पेश की गई गुणवत्तापूर्ण जांच और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर मुनीष को दोषी करार दिया गया। इस मामले में स्वतंत्र गवाहों की गवाही ने भी आरोपी को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 37 वर्षीय मुनीष कुमार को इलाके का शातिर तस्कर माना जाता है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस पर एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत पहले भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं:
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मंडी (जोगिंद्रनगर): जून 2018 में एफआईआर नंबर 96/18।
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कांगड़ा (बैजनाथ): मई 2018 में एफआईआर नंबर 60/19।
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कांगड़ा (पंचरुखी): मार्च 2018 में एफआईआर नंबर 25/24।
कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक अशोक रतन ने बताया कि पुलिस नशे के सौदागरों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि नशा मुक्त समाज बनाने के लिए पुलिस का सक्रिय सहयोग करें।
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