निरमंड स्थित किसान मजदूर भवन में हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ निरमंड की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में दुग्ध उत्पादकों की ज्वलंत समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा 19 जनवरी को शिमला में प्रस्तावित रैली की तैयारियों पर विचार किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए किसान सभा जिला महासचिव देवकी नंद, दुग्ध उत्पादक संघ के संयोजक प्रेम चौहान तथा किसान सभा निरमंड ब्लॉक अध्यक्ष पूर्ण ठाकुर ने कहा कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण आज दुग्ध उत्पादन घाटे का सौदा बन गया है। दूध के दाम बढ़ने के बावजूद दुग्ध उत्पादकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि दूध की पेमेंट समय पर न मिलने से दुग्ध उत्पादकों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वर्तमान में भी भुगतान दो से तीन महीने बाद किया जा रहा है, जिससे परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा पशु औषधालयों में डॉक्टरों की कमी के कारण गायों को समय पर टीकाकरण नहीं हो पा रहा है, जिससे पशुओं की सेहत खराब हो रही है और दूध की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि दूध सोसायटियों में फीड उपलब्ध नहीं है तथा दूध की गुणवत्ता जांचने के लिए टेस्टिंग मशीनों का अभाव है, जिसके कारण दुग्ध उत्पादकों को उनके दूध का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
दुग्ध उत्पादक संघ की प्रमुख मांगें:
दूध की पेमेंट हर माह 10 तारीख से पहले की जाए
सभी सोसायटियों में दूध टेस्टिंग मशीन उपलब्ध करवाई जाए
सभी सोसायटियों में पशु फीड की व्यवस्था की जाए
पशु औषधालयों में डॉक्टरों के खाली पद भरे जाएं
उचित किस्म के टीके उपलब्ध करवाए जाएं
बैठक में निर्णय लिया गया कि शिमला रैली को सफल बनाने के लिए गांव-गांव बैठकें कर सदस्यता अभियान चलाया जाएगा तथा कमेटियों का गठन किया जाएगा। बैठक में परमिंदर, निहाल चंद, चुड़ू राम, बेगू राम, टीकम देवी, बीना कुमारी, सोजा देवी, श्याम लाल, शफी, ऊषा देवी, अंकुश, कमलेश, पार्वती, सुलोचना और सरोजा सहित कई दुग्ध उत्पादक उपस्थित रहे।
