एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार सायं नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से भेंट की। इस दौरान उन्होंने सेब उत्पादन के पीक सीज़न (जुलाई से नवंबर) के दौरान सेब आयात पर प्रतिबंध लगाने का पुरज़ोर आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने सेब पर आयात शुल्क बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने की भी मांग की, ताकि विदेशी सेब के आयात से प्रदेश के बागवानों को नुकसान न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 2.5 लाख किसान सेब उत्पादन से जुड़े हुए हैं और राज्य के कुल फल उत्पादन में सेब का योगदान लगभग 80 प्रतिशत है। सेब उत्पादन से प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 4500 करोड़ रुपये की आय होती है। ऐसे में बागवानों के हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार का हस्तक्षेप आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में प्रदेश के बागवानों ने अपनी समस्याएं उनके समक्ष रखी थीं, जिन्हें उन्होंने केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस विषय को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष भी रखा है और बागवानों के हित में शीघ्र कार्रवाई का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि सेब पर आयात शुल्क कम किए जाने से प्रदेश के बागवानों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में सेब आयात में लगभग ढाई गुना वृद्धि हुई है और विभिन्न मुक्त व्यापार समझौतों के चलते इसमें और बढ़ोतरी की आशंका है।
उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड से सेब का आयात मुख्य रूप से अप्रैल से अगस्त के बीच होता है, जिस दौरान आयात शुल्क केवल 25 प्रतिशत है, जबकि अन्य महीनों में यह शुल्क 50 प्रतिशत रहता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौतों का असर न केवल सेब सीज़न के दौरान बागवानों पर पड़ेगा, बल्कि कोल्ड स्टोरेज में संग्रहित सेबों की कीमतों और ऑफ-सीज़न कारोबार पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह और सचिव राकेश कंवर भी उपस्थित रहे।
