एआरबी टाइम्स ब्यूरो, कुल्लू
जिला मजिस्ट्रेट कुल्लू तोरूल एस. रवीश ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 एवं 117 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एचपीपीडब्ल्यूडी के नियंत्रणाधीन लोरन से जार्ली रोड के 600 मीटर तक के संपूर्ण खंड को प्रारंभिक तौर पर 30 दिनों के लिए नो पार्किंग ज़ोन घोषित किया है। यह आदेश 27 जनवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा।
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि स्थायी नो पार्किंग ज़ोन घोषित करने से पहले जमीनी स्तर पर इसकी व्यवहार्यता जांचने के उद्देश्य से यह प्रारंभिक अधिसूचना जारी की गई है। जिला प्रशासन ने आम जनता से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित अवधि के भीतर अपनी आपत्तियाँ एवं दावे प्रस्तुत करें। निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त होने वाली किसी भी आपत्ति या दावे पर विचार नहीं किया जाएगा तथा इसके पश्चात अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी।
इस अधिसूचित नो पार्किंग ज़ोन के प्रबंधन एवं निगरानी की जिम्मेदारी कुल्लू नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को सौंपी गई है। यह अधिसूचना उप-मंडल मजिस्ट्रेट कुल्लू द्वारा शीतला माता मंदिर, सरवरी से लोरन तथा लोरन मोड़ से सनातन धर्म सभा तक के मार्ग पर संबंधित विभागों एवं हितधारकों के साथ संयुक्त निरीक्षण के बाद जारी की गई है। निरीक्षण के दौरान इस क्षेत्र को नो पार्किंग ज़ोन घोषित करने की उपयुक्तता को संबंधित हितधारकों द्वारा सैद्धांतिक रूप से अनुमोदित किया गया।
30 जनवरी को गड़सा में आयोजित होगा “सरकार गाँव के द्वार” कार्यक्रम
उपायुक्त कुल्लू तोरूल एस. रवीश ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 5(1) तथा पंचायती राज सामान्य नियम, 1997 के नियम 9(2) के तहत जिला कुल्लू के विकास खंड भुंतर की ग्राम पंचायत गड़सा में 30 जनवरी 2026 को विशेष ग्राम सभा बैठक आयोजित करने के आदेश जारी किए हैं।
यह आदेश ग्राम पंचायत गड़सा (विधानसभा क्षेत्र कुल्लू) में प्रस्तावित “सरकार गाँव के द्वार” कार्यक्रम के मद्देनजर जारी किए गए हैं। इस जनकल्याणकारी कार्यक्रम का आयोजन 30 जनवरी को ग्राम पंचायत गड़सा में किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत गड़सा, भालन-1, हुरला, ज्येष्ठा, पारली एवं दियार के लोगों की विभिन्न जनसमस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया जाएगा। कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि लोगों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान किया जा सके।
उपायुक्त तोरूल एस. रवीश ने बताया कि “सरकार गाँव के द्वार कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशासन को सीधे जनता के बीच ले जाकर उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। इसके लिए सभी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।”
