एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
Himachal Panchayat Election : हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रदेश सरकार ने बुधवार को पंचायत निर्वाचन क्षेत्रों के डिलिमिटेशन (सीमांकन) का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। शेड्यूल सामने आते ही ग्रामीण इलाकों में चुनावी हलचल बढ़ गई है और संभावित उम्मीदवारों ने भी सक्रियता तेज कर दी है। कार्यक्रम के अनुसार 20 फरवरी तक डिलिमिटेशन प्रस्ताव की अधिसूचना जारी की जाएगी। 27 फरवरी तक सात दिनों की अवधि में आम जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। संबंधित पंचायत क्षेत्रों के निवासी सीमांकन प्रस्तावों पर अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
2 मार्च को प्रारंभिक प्रकाशन, 11 मार्च तक अपील
प्राप्त आपत्तियों और सुझावों के आधार पर 2 मार्च तक सीमांकन का प्रारंभिक प्रकाशन किया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति, संस्था या पक्ष को इस पर असहमति होती है, तो वह 11 मार्च तक अपील दायर कर सकेगा। अपील मिलने के बाद संबंधित मंडलीय आयुक्त सात दिनों के भीतर सुनवाई करेंगे। सभी अपीलों के निपटारे के बाद 20 मार्च तक सीमांकन का अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा। शेड्यूल के अनुसार 31 मार्च 2026 तक पंचायत निर्वाचन क्षेत्रों का अंतिम आरक्षण रोस्टर जारी किया जाएगा। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। माना जा रहा है कि आरक्षण रोस्टर जारी होते ही राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव तिथियों की घोषणा कर सकता है।
सुप्रीम कोर्ट की समयसीमा को ध्यान में रखकर तैयार हुआ कार्यक्रम
बताया जा रहा है कि पूरा कार्यक्रम सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्धारित समयसीमा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, ताकि पंचायत चुनाव तय समय पर संपन्न कराए जा सकें। सरकार और पंचायतीराज विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी की जाएं और प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। प्रदेश सरकार सीमांकन और आरक्षण प्रक्रिया को विवाद रहित बनाने पर जोर दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आपत्तियों और सुझावों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी चर्चाएं तेज हो चुकी हैं। कई संभावित उम्मीदवारों ने अपने-अपने क्षेत्रों में संपर्क अभियान भी शुरू कर दिया है। अब सभी की नजर 31 मार्च पर टिकी हुई है, क्योंकि आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद ही चुनावी समीकरण पूरी तरह स्पष्ट होंगे।
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