एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
सुन्नी में शिमला ग्रामीण स्पोर्ट्स, कल्चरल एंड एनवायरमेंट एसोसिएशन की ओर से वीरवार को एंटी-चिट्टा रैली का आयोजन किया गया। रैली में लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। बस स्टैंड सुन्नी से एसडीएम कार्यालय तक निकाली गई इस रैली में सैकड़ों छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रदेश में चिट्टे (सिंथेटिक ड्रग्स) का फैलता जाल एक गंभीर चुनौती बन चुका है। उन्होंने चिंता जताई कि नशे का कारोबार गांव-गांव तक पहुंच रहा है और युवा पीढ़ी इसकी चपेट में आ रही है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ कड़ा और बहुआयामी अभियान शुरू किया है, जो चार स्तंभों—सख्त कानून, प्रभावी पुलिस कार्रवाई, जनजागरूकता और पुनर्वास—पर आधारित है। सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है। तस्करी नेटवर्क को तोड़ने के लिए बड़े तस्करों की पहचान कर उनकी संपत्तियां जब्त की जा रही हैं। स्कूलों और कॉलेजों के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है।
मंत्री ने कहा कि केवल दंडात्मक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, इसलिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। “नशा मुक्त हिमाचल” कार्यक्रम के तहत पंचायत स्तर तक समाज की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। शिक्षण संस्थानों में सेमिनार और परामर्श सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। नशा तस्करों की सूचना देने वालों के लिए 10 हजार से 10 लाख रुपये तक इनाम घोषित किया गया है और उनकी पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया गया है।
1,000 एंटी-चिट्टा वॉलंटियर्स की बनेगी टीम
कैबिनेट मंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में जल्द ही 1,000 एंटी-चिट्टा वॉलंटियर्स की टीम गठित की जाएगी, जो पुलिस और जनता के बीच सेतु का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल को चिट्टा मुक्त बनाना सरकार का संकल्प है और इसके लिए प्रशासन, पुलिस, शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग तथा आम नागरिकों को मिलकर प्रयास करना होगा।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहकर पुस्तकालय और खेल मैदानों की ओर रुख करें। नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
थली पुल का शिलान्यास, एसडीएम कार्यालय का शुभारंभ
मंत्री ने बताया कि सुन्नी क्षेत्र में थली पुल के क्षतिग्रस्त होने से हर वर्ष नुकसान उठाना पड़ता है। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से इसके पुनर्निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया है। इसके अलावा एसडीएम सुन्नी कार्यालय का उद्घाटन भी किया गया, जिससे क्षेत्र के विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
करोड़ों के विकास कार्य प्रगति पर
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सुन्नी क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के तहत 119 करोड़ रुपये के कार्य प्रगति पर हैं तथा 19 करोड़ रुपये के नए कार्यों को स्वीकृति दी जाएगी। सामुदायिक भवन में पुस्तकालय निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। 25 करोड़ रुपये की लागत से बन रही पेयजल योजना अंतिम चरण में है।
उन्होंने कहा कि संतुलित विकास उनकी प्राथमिकता है और प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों को विशेष महत्व दिया जाएगा।
शिक्षा क्षेत्र में नई पहल
मंत्री ने बताया कि सुन्नी और घणाहट्टी स्कूलों को सीबीएसई मान्यता मिल चुकी है। भविष्य में शोघी स्कूल को भी सीबीएसई से मान्यता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। सुन्नी स्कूल को राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसके लिए 5 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
उन्होंने कहा कि आज का दौर तकनीक और एआई का है, इसलिए विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा और संसाधनों से जोड़ा जाना आवश्यक है।
