एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
प्रदेश में पहली बार खुदरा शराब ठेकों (रिटेल लिकर वेंड्स) के आवंटन के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है। यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 की अवधि के लिए लागू रहेगी। राज्य सरकार ने इस वर्ष खुदरा शराब इकाइयों का आवंटन पारदर्शी ऑनलाइन ई-नीलामी प्रणाली के माध्यम से करने को मंजूरी दी है।
पहले दिन किन्नौर, हमीरपुर और चंबा जिलों के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई। ई-नीलामी पोर्टल का लिंक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (www.hptax.gov.in) और आबकारी ई-गवर्नेंस पोर्टल (https://egovef.hptax.gov.in/) पर उपलब्ध है। पोर्टल को सीधे https://eauction.gov.in/ngauction पर भी एक्सेस किया जा सकता है।
ई-नीलामी इकाई-वार आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रत्येक खुदरा आबकारी शराब इकाई के लिए अलग-अलग ऑनलाइन बोलियां आमंत्रित की जाएंगी। आवेदक अपने घर या कार्यालय से ही ऑनलाइन बोली प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।
जिला-वार आवेदन और नीलामी तिथियां
किन्नौर, हमीरपुर और चंबा
ऑनलाइन आवेदन: 23 फरवरी 2026 शाम 6:55 बजे से 26 फरवरी 2026 शाम 6:15 बजे तक
दस्तावेज जांच: 25 फरवरी शाम 6:30 बजे से 27 फरवरी 2026 शाम 6:55 बजे तक
नीलामी: 28 फरवरी 2026, सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक
सिरमौर, ऊना और बद्दी
आवेदन: 24 फरवरी 2026 शाम 6:55 बजे से 26 फरवरी 2026 शाम 6:15 बजे तक
दस्तावेज जांच: 26 फरवरी शाम 6:30 बजे से 28 फरवरी 2026 शाम 6:55 बजे तक
नीलामी: 2 मार्च 2026, सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक
सोलन, कांगड़ा और बिलासपुर
आवेदन: 25 फरवरी 2026 शाम 6:55 बजे से 27 फरवरी 2026 शाम 6:30 बजे तक
दस्तावेज जांच: 27 फरवरी शाम 6:30 बजे से 2 मार्च 2026 शाम 6:55 बजे तक
नीलामी: 3 मार्च 2026, सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक
मंडी और नूरपुर
आवेदन: 26 फरवरी 2026 शाम 6:55 बजे से 28 फरवरी 2026 शाम 6:15 बजे तक
दस्तावेज जांच: 28 फरवरी शाम 6:30 बजे से 3 मार्च 2026 शाम 6:55 बजे तक
नीलामी: 5 मार्च 2026, सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक
शिमला और कुल्लू
आवेदन: 27 फरवरी 2026 शाम 6:55 बजे से 3 मार्च 2026 शाम 6:15 बजे तक
दस्तावेज जांच: 3 मार्च शाम 6:30 बजे से 6 मार्च 2026 शाम 6:55 बजे तक
नीलामी: 7 मार्च 2026, सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक
राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त डॉ. यूनुस ने बताया कि सभी आवेदकों को निर्धारित ई-नीलामी पोर्टल पर वैध डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) के माध्यम से पंजीकरण करना अनिवार्य है। उन्होंने संभावित बोलीदाताओं को सलाह दी कि वे भाग लेने से पहले आबकारी नीति 2026-27, मानक संचालन प्रक्रिया और उपयोगकर्ता पुस्तिका को ध्यानपूर्वक पढ़ लें। ये सभी दस्तावेज विभागीय वेबसाइट और ई-नीलामी पोर्टल पर उपलब्ध रहेंगे।
