एआरबी टाइम्स ब्यूरो, किन्नौर
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आज उपायुक्त कार्यालय, रिकांग पिओ के सम्मेलन कक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने की और अधिकारियों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जनता में जागरूकता फैलाने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने बताया कि राह वीर योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को गोल्डन आवर में तुरंत चिकित्सा उपलब्ध करवाई जाएगी। अस्पताल तक घायल को ले जाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपए का सम्मान प्रदान किया जाएगा। योजना के तहत एक व्यक्ति साल में अधिकतम 5 बार इनाम प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा, 10 चुनिंदा राह-वीरों को 1 लाख रुपए तक की अतिरिक्त राशि उनके बैंक खातों में सीधे प्रदान की जाएगी।
डॉ. शर्मा ने यह भी बताया कि सरकार सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के लिए डेढ़ लाख रुपए तक का कैशलैस इलाज कराती है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले होली और अन्य त्योहारों के दौरान ड्रंक एंड ड्राइव मामलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के लाइसेंस सस्पेंड किए जाएंगे। वाहनों में अनधिकृत परिवर्तन के लिए भी चालान कड़ाई से सुनिश्चित किए जाएंगे।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पूह रवींद्र सिंह ठाकुर, उपमंडलाधिकारी कल्पा अमित कल्थाईक, उपमंडलाधिकारी निचार नारायण सिंह चौहान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश नेगी, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग कल्पा ललित जरयाल, उपनिदेशक प्रारंभिक डॉ. अरुण गौतम, उपनिदेशक उच्चतर डॉ. कुलदीप डोगरा, सहायक अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग उमेश लारजू, और जिला सूचना अधिकारी बी.एस. नेगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जिला किन्नौर में क्षय रोग उन्मूलन पर बैठक
उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा की अध्यक्षता में जिला उपायुक्त कार्यालय, रिकांग पिओ में क्षय रोग उन्मूलन पर बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला को क्षय रोग मुक्त बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
उपायुक्त ने बताया कि जिला में केवल 12 प्रतिशत लोग क्षय रोग से ग्रसित हैं, जिनमें अधिकांश पुनः संक्रमण के मामले हैं। उन्होंने सभी क्षय रोग से ठीक हुए मरीजों से खान-पान पर ध्यान रखने और लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने का अनुरोध किया। इसके अलावा, जिला की पंचायतों में आने वाले प्रवासियों को स्वास्थ्य विभाग में अपनी जानकारी देना सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि वर्तमान में जिले में 70 क्षय रोग मरीज हैं जिनका इलाज स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने क्षय रोग के लक्षण जैसे कि बलगम वाली खांसी, खून वाला बलगम, बुखार, थकान, सीने में दर्द, शरीर में गांठ, रात में पसीना, हालिया वजन में गिरावट आदि की जानकारी दी।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश नेगी, उपनिदेशक प्रारंभिक डॉ. अरुण गौतम, उपनिदेशक उच्चतर डॉ. कुलदीप डोगरा, राष्ट्रीय राजमार्ग सहायक अभियंता उमेश लारजू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
