एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पंचायती राज व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए यह फैसला किया है कि जो लोग चिट्टा जैसे जानलेवा नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त हैं, वे आगामी पंचायत चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। राज्य मंत्रिमंडल ने पंचायती राज संशोधन विधेयक 2026 के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। इसे विधानसभा में पारित और राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद कानून के रूप में लागू किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य पंचायत चुनाव को भ्रष्टाचार और नशे की प्रवृत्तियों से मुक्त रखना बताया गया है।

हिमाचल के बजट सत्र के बीच सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडलीय बैठक में शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए भी कई कदम उठाए गए। राज्य के 151 सीबीएसई स्कूलों में कुल 2068 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। यह कदम बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए उठाया गया है। इसकेअलावा, बैठक में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी कई अहम फैसले लिए गए। इनमें हमीरपुर, नेरचौक और आईजीएमसी शिमला मेडिकल कॉलेज में बायो फिजिक्स विभाग शुरू करने और नाहन मेडिकल कॉलेज को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की योजना को मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाड़ी देशों में युद्ध और तेल-गैस आपूर्ति को लेकर मुख्य शहरों में घरेलू गैस पाइपलाइन से सप्लाई सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। पेट्रोलियम कंपनियों को सुविधा और भूमि अधिग्रहण में सहयोग। प्रदेश में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और जनता तक सुविधाजनक गैस पहुंचाने का प्रयास। बैठक में एंट्री टैक्स या ग्रीन टैक्स लगाने पर भी विचार किया गया, लेकिन अंतिम निर्णय अभी तय नहीं हुआ है।
