एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
जिला शिमला में 29 मार्च 2026 को सभी 12 एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में आपदा राहत पैकेज के तहत लाभार्थियों के घरों का निरीक्षण करेंगे। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने इस संबंध में सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि हर एसडीएम को स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान केवल पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त घरों और आपदा राहत पैकेज के तहत बनाए जा रहे मकानों का ही जायजा लिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मौके की फोटो और विस्तृत रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को भेजनी होगी, जिसके आधार पर जिला स्तरीय समेकित रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कई मामलों में राहत राशि जारी होने के बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में पटवारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी फील्ड बुक में निरीक्षण रिपोर्ट दर्ज करें। यदि किसी पटवारी द्वारा रिपोर्ट तैयार नहीं की जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले और कार्य के दौरान की फोटो राजस्व कार्यालय में जमा करवाई जाए। इसके अलावा उन मामलों की भी जांच की जाएगी, जहां पूर्ण क्षति दिखाकर राहत ली गई, जबकि वास्तविकता में नुकसान आंशिक था।
उन्होंने बताया कि प्रभावितों को तय नियमों के अनुसार वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इस पूरे मामले की समीक्षा के लिए 10 अप्रैल 2026 को जिला के सभी राजस्व अधिकारियों की बैठक आयोजित की जाएगी। निर्देशों के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में चयनित लाभार्थियों के घरों का निरीक्षण संबंधित एसडीएम द्वारा किया जाएगा, जिसमें डोडरा क्वार, रोहडू, चौपाल, ठियोग, कुमारसैन, कुपवी, कोटखाई, सुन्नी, रामपुर और शहरी शिमला क्षेत्र शामिल हैं। यदि आंकड़ों की बात करें तो आपदा राहत पैकेज 2023 के तहत जिला में कुल 405 पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लाभार्थी चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 366 को पहली, 254 को दूसरी और 175 को तीसरी किस्त जारी की जा चुकी है। इसके अलावा 2149 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लाभार्थियों को भी सहायता दी गई है।
वहीं आपदा राहत पैकेज 2025 के तहत 115 पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त और 725 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।
