एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
जिला शिमला में आपदा न्यूनीकरण के तहत प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य स्तर पर भेजे जाने वाले करीब 20.70 करोड़ रुपये के चार प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई।
इन प्रस्तावों में करीब 1.86 करोड़ रुपये की लागत से रामपुर उपमंडल के सुरु गांव में बाढ़ से बचाव के उपाय शामिल हैं। इसके तहत प्रभावी जल निकासी प्रणाली विकसित कर गांव को संभावित नुकसान से बचाने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा, 9.33 करोड़ रुपये की लागत से रामचंद्र चौक से हेनॉल्ट पब्लिक स्कूल (फेज-2) के बीच सड़क के आसपास धंसते क्षेत्रों के स्थिरीकरण और न्यूनीकरण के लिए कार्य प्रस्तावित है।
वहीं, 9.05 करोड़ रुपये की लागत से सुन्नी क्षेत्र में शिमला-मंडी मार्ग की सुरक्षा और सुदृढ़ीकरण के उपायों को भी प्रस्ताव में शामिल किया गया है। साथ ही, 43.94 लाख रुपये की लागत से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुफरी भवन की रेट्रोफिटिंग का प्रस्ताव भी रखा गया है।
उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावों में पाई गई कमियों को एक सप्ताह के भीतर दूर कर पुनः प्रस्तुत किया जाए, ताकि आगामी बैठक में इन्हें अंतिम रूप देकर हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजा जा सके।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि पूर्व में भेजे गए छह प्रस्तावों में से 10.63 करोड़ रुपये के दो प्रस्तावों को अनुशंसा मिल चुकी है, जबकि 2.98 करोड़ रुपये के दो प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी प्राप्त हुई है। वहीं, 16.72 करोड़ रुपये के दो प्रस्तावों को कमियां दूर करने के लिए वापस भेजा गया है।
इस बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (प्रोटोकॉल) ज्योति राणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
