एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
महात्मा गांधी सेवा चिकित्सा परिसर, खनेरी में करीब 9 लाख रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक बॉयोकेमिस्ट्री जांच मशीन पिछले एक माह से बंद पड़ी है। मशीन के ठप होने से अस्पताल में आने वाले मरीजों को जरूरी जांचों के लिए निजी लैब्स या अन्य अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, जिनमें से अधिकांश को खून से जुड़ी अहम जांचों की आवश्यकता होती है। लेकिन मशीन बंद होने के कारण उन्हें या तो जांच टालनी पड़ रही है या फिर महंगे दामों पर निजी प्रयोगशालाओं में टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। इससे खासकर दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
यह मशीन चालू रहने पर लिवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी), किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी), लिपिड प्रोफाइल, ब्लड शुगर सहित कई महत्वपूर्ण जांचें अस्पताल में ही संभव हो जाती हैं। इसके अलावा कैल्शियम, फॉस्फोरस और अन्य आवश्यक तत्वों की जांच भी इसी मशीन के माध्यम से की जाती है। स्थानीय लोगों और मरीजों का आरोप है कि मशीन उपलब्ध होने के बावजूद उसका उपयोग न होना स्वास्थ्य व्यवस्था में लापरवाही को उजागर करता है। उनका कहना है कि यदि मशीन समय पर चालू कर दी जाए, तो मरीजों को सस्ती और त्वरित जांच सुविधा मिल सकती है।
इस संबंध में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रोशन कोंडल ने बताया कि उन्हें फिलहाल मशीन के बंद होने की जानकारी नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि मशीन बंद पाई जाती है, तो आवश्यक रिएजेंट की व्यवस्था कर जल्द ही सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
