एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर/किन्नौर
नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन द्वारा आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए 26 अप्रैल को नाथपा बांध पर एक व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य अर्ली वार्निंग सिस्टम (EWS), संचार तंत्र तथा हूटर/सायरन की कार्यक्षमता का आकलन करना था। मॉक ड्रिल के दौरान फ्लैश फ्लड और भूस्खलन जैसी संभावित आपात स्थितियों का यथार्थपरक अनुकरण किया गया। इसमें विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता तथा चेतावनी प्रणाली की प्रभावशीलता का परीक्षण किया गया।
इस दौरान सतलुज नदी किनारे स्थित नाथपा, भावानगर, निगुलसरी, ज्यूरी, झाकड़ी, ब्रौ और दत्तनगर सहित कई क्षेत्रों में सायरन बजाकर लोगों को सतर्क किया गया। यह अभ्यास जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (किन्नौर, शिमला, कुल्लू), जिला प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, हिमाचल प्रदेश पुलिस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल तथा एनजेएचपीएस की टीमों के संयुक्त समन्वय से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर परियोजना प्रमुख एनजेएचपीएस राजीव कपूर ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को और सुदृढ़ करना, संभावित कमियों की पहचान करना तथा आपातकालीन स्थिति में प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मॉक ड्रिल से पूर्व आम जनता को सूचित कर दिया गया था कि सायरन अभ्यास का हिस्सा हैं, इसलिए किसी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है।
