एआरबी टाइम्स ब्यूरो, मंडी
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंडी के पड्डल मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि “आत्मनिर्भर हिमाचल केवल नारा नहीं, बल्कि हमारा जुनून और प्रतिबद्धता है।” उन्होंने घोषणा की कि प्राकृतिक आपदा में घर गंवाने वाले प्रभावितों को दी जाने वाली सहायता राशि 70,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमित संसाधनों के बावजूद आपदा पीड़ितों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से घर पुनर्निर्माण के लिए मिलने वाली 1.30 लाख रुपये की सहायता अपर्याप्त है, इसलिए राज्य सरकार ने पूरी तरह क्षतिग्रस्त घरों के लिए मुआवज़ा राशि 1.30 लाख से बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दी है।
उन्होंने भाजपा पर राहत कार्यों का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1,500 करोड़ रुपये की सहायता राशि अभी तक राज्य को प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि वह वन भूमि पर आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए भी बार-बार केंद्र से अनुमति मांग रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने 6,000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाया है और विधवा महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च वहन कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए दूध के खरीद मूल्य में बढ़ोतरी, प्राकृतिक फसलों की खरीद, और एचपीएमसी द्वारा 1 लाख टन सेब की खरीद जैसी पहलें की गई हैं।
उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना बहाल करके राज्य के कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित किया गया है, जबकि केंद्र सरकार इसके कारण राज्य पर वित्तीय प्रतिबंध लगा रही है।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, बागवानी मंत्री, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, विधायक चंद्रशेखर और अन्य नेताओं ने भी आपदा राहत, कृषि सहायता एवं शिक्षा-स्वास्थ्य सुधारों पर सरकार की नीतियों को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित परिवारों को दी 81 करोड़ की राहत
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मंडी के पड्डल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से 4,914 आपदा प्रभावित परिवारों को 81.28 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की।
पूरी तरह क्षतिग्रस्त घरों वाले 1,513 लाभार्थियों को 7 लाख रुपये में से 4-4 लाख रुपये की पहली किस्त दी गई, जबकि 3,401 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लाभार्थियों को 1-1 लाख रुपये दिए गए।
मंडी जिले में अब तक 4,375 परिवारों को 14.46 करोड़ रुपये की राहत दी जा चुकी है। वर्तमान में 72 करोड़ रुपये की लागत से 27 आपदा न्यूनीकरण परियोजनाएं चल रही हैं, जबकि 18.84 करोड़ रुपये की पाँच नई परियोजनाओं को मंज़ूरी मिल चुकी है।
