धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन में कहा कि सरकार हिमकेयर योजना में हुए कथित घोटाले की व्यापक जांच करवाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि योजना पर अब तक हुए कुल खर्च का ऑडिट प्रधान महालेखाकार (CAG) हिमाचल प्रदेश की ओर से किया जा रहा है, जिससे वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। ऑडिट पूरा होने के बाद सरकार अपनी रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही करेगी। सरकार का दावा है कि दोषियों की पहचान होने पर कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी, ताकि भविष्य में सार्वजनिक योजनाओं में भ्रष्टाचार की पुनरावृत्ति न हो।
सीएम सुक्खू ने आरोप लगाया कि हिमकेयर योजना की मूल भावना और उद्देश्य से खिलवाड़ किया गया। योजना के माध्यम से निजी मेडिकल शॉप्स और निजी अस्पतालों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। योजना का लक्ष्य गरीब और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त उपचार उपलब्ध करवाना था, लेकिन नियमों की आड़ में अनियमितताएं की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना जिस उद्देश्य से शुरू हुई थी, उसकी पूर्ति नहीं हुई। भ्रष्टाचार और गलत लाभ उठाकर सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि योजना के माध्यम से हजारों गरीब व जरूरतमंदों का इलाज हुआ है, जिसे सरकार नकार नहीं रही है। लेकिन फंड के प्रयोग की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में प्रिंसिपल और मेडिकल सुपरिटेंडेंट को वर्ष में चार महीने हिमकेयर कार्ड बनाने की अनुमति दी है। इससे जरूरतमंदों को कार्ड बनवाने में रुकावट नहीं आ रही है।
‘चिट्टा मुक्त हिमाचल, एक नया हिमाचल’ का दिया संदेश
उधर, सत्र के आखिरी दिन एक अलग और सकारात्मक तस्वीर देखने को मिली। सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों ने ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल, एक नया हिमाचल’ का संदेश देते हुए विशेष ड्रेस पहनकर नशे के खिलाफ एकजुटता प्रदर्शित की। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष ने संयुक्त रूप से मीडिया से बातचीत कर प्रदेशवासियों से इस मुहिम में साथ देने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टा और नशे का जाल युवाओं के भविष्य के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने घोषणा की कि जो भी व्यक्ति नशे की तस्करी से जुड़ी सूचना 112 नंबर पर साझा करेगा, सरकार उसे इनाम देगी और उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
सीएम ने बताया कि राज्य सरकार नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए इंटरस्टेट लिंक, सप्लाई चैन और स्थानीय स्तर पर फैले नेटवर्क पर कड़ी निगरानी कर रही है। स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे और समाज के हर वर्ग का सहयोग इस अभियान को सफल बनाने में निर्णायक होगा वहीं नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नशा समाप्त करना राजनीतिक लक्ष्य नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने परिवार, स्थानीय संगठनों और युवाओं से आगे आकर इस अभियान को समर्थन देने की अपील की।
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