एआरबी टाइम्स ब्यूरो
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में हाल ही में हुई भारी बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है। अब तक जिले में 168 करोड़ रुपए से अधिक का आर्थिक नुकसान दर्ज किया गया है। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने मीडिया को संबोधित करते हुए जानकारी दी कि इस आपदा में सबसे अधिक क्षति लोक निर्माण विभाग (PWD) को हुई है, जिसकी क्षति 117 करोड़ रुपए आंकी गई है। वहीं, जल शक्ति विभाग को 32.10 करोड़ रुपए और विद्युत विभाग को 19 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।
इसके अतिरिक्त, गौशाला, किचन, शौचालय व अन्य संरचनाओं को मिलाकर लगभग 7.62 करोड़ रुपए का संरचनात्मक नुकसान हुआ है।
राहत और पुनर्वास कार्यों में प्रशासन सक्रिय
उपायुक्त ने बताया कि जिला में 7 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां फिलहाल 22 परिवारों के 99 लोग ठहरे हुए हैं।
राहत शिविरों की स्थिति:
सदर विधानसभा क्षेत्र:
भदरोग: 2 परिवार (8 लोग)
दकड़ी: 2 परिवार (10 लोग)
अमरपुर: 1 परिवार (3 लोग)
झंडुता विधानसभा क्षेत्र:
मरोतन पंचायत: 5 परिवार (18 लोग)
श्री नैना देवी जी क्षेत्र:
आईटीआई स्वारघाट: 3 परिवार (18 लोग)
नालियां डढ़वाल: 1 परिवार (4 लोग)
मड्याली पंचायत: 8 परिवार (38 लोग)
प्रभावित 42 परिवारों को किराए के मकानों में स्थानांतरित किया गया है, जिनका किराया सरकार वहन कर रही है।
सड़क और जल आपूर्ति बहाली के प्रयास तेज
वर्तमान में लोक निर्माण विभाग की 9 सड़कों पर यातायात बाधित है। कुछ सड़कों को अगले दिन तक खोलने का लक्ष्य है, वहीं बाकी सड़कों को शीघ्र खोलने के लिए अतिरिक्त मशीनरी लगाई जा रही है।
जिले की 9 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं, जिन्हें जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
तत्काल राहत और सामाजिक सहयोग
अब तक प्रशासन द्वारा 7 लाख रुपए से अधिक की फौरी राहत राशि वितरित की जा चुकी है।
उपायुक्त ने बताया कि कई सामाजिक संगठनों व आम लोगों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान देकर मानवीयता का परिचय दिया है। उन्होंने अन्य लोगों से भी इस राहत कार्य में सहयोग देने की अपील की है।
इच्छुक व्यक्ति अपने निकटतम उपमंडल अधिकारी या उपायुक्त कार्यालय के माध्यम से सहायता पहुंचा सकते हैं।
