एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर भाजपा ने इसे व्यवस्था पतन के तीन साल करार देते हुए कड़ा हमला बोला है। भाजपा का कहना है कि सरकार चुनावों से पहले किए गए बड़े-बड़े वादों को पूरा करने में बुरी तरह विफल रही है, जिसके विरोध में पार्टी 4 दिसंबर को धर्मशाला स्थित जोरावर सिंह स्टेडियम में विशाल प्रदर्शन करेगी। भाजपा का दावा है कि प्रदेशभर से कार्यकर्ता और आम लोग इस आंदोलन में भाग लेकर सरकार की नीतियों और कथित विफलताओं के खिलाफ आवाज उठाएंगे।
हिमाचल प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को शिमला में पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि सरकार ने रोजगार के नाम पर वन मित्र, पशु मित्र और रोगी मित्र जैसी अस्थायी भर्तियां तो कीं, लेकिन युवाओं को दी गई एक लाख पक्की सरकारी नौकरियों की गारंटी अब भी अधूरी है। तीन साल में सरकार का ध्यान केवल घोषणाओं तक सीमित रहा, जबकि जमीन पर कुछ भी अमल नहीं हुआ। महिलाओं से किए गए वादों पर भी उन्होंने सरकार को कठघरे में खड़ा किया। पार्टी ने कहा कि चुनावों में 28 लाख बहनों को हर माह 1500 रुपये देने का वादा पूरी तरह अधूरा है। इसी तरह 100 रुपये प्रति लीटर दूध खरीदने, 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने और 2 रुपये प्रति किलो गोबर खरीदने जैसी घोषणाएं भी कागजों से आगे नहीं बढ़ पाईं।
डिजास्टर एक्ट का हवाला देकर टाले जा रहे पंचायत चुनाव
भाजपा का कहना है कि तीन वर्षों में प्रदेश की आर्थिक स्थिति बदतर हो गई है। विकास कार्य रुके पड़े हैं, कर्मचारियों को समय पर वेतन-पेंशन नहीं मिल रही और ट्रेजरी से 10,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर रोक लगी हुई है। पार्टी का आरोप है कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए बहाने बना रही है, जबकि जनता आर्थिक संकट से जूझ रही है। भाजपा ने पंचायत चुनावों के स्थगन के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। विपक्ष ने आरोप लगाया कि डिजास्टर एक्ट का हवाला देकर चुनावों को टालने की कोशिश लोकतांत्रिक अधिकारों पर प्रहार है और जनता के असंतोष से बचने का तरीका है।
सरकार का तीन साल का जश्न जनता के साथ मजाक
भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस सरकार के तीन साल का जश्न मनाना जनता के साथ मजाक है। सरकार के पास गिनाने के लिए एक भी ठोस उपलब्धि नहीं है। आरोप लगाया कि हमारी सरकार की हिम केयर, सहारा, स्वावलंबन, गृहिणी सुविधा, शगुन और जन मंच जैसी लोकप्रिय योजनाओं को कांग्रेस सरकार ने बंद कर दिया या कमजोर कर दिया है, जिनसे लाखों लोग लाभान्वित होते थे। हिम केयर में भुगतान अटका हुआ है। अगर कांग्रेस नेताओं में थोड़ी भी संवेदनशीलता है तो इस जश्न के फैसले को तुरंत वापस लें।
