एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
बुशहर दुग्ध उत्पादक यूनियन ने मिल्कफेड पर दूध उत्पादकों के दो माह से अधिक के बकाया भुगतान को लंबित रखने का आरोप लगाया है। यूनियन ने सरकार से मांग की है कि दिवाली से पहले सभी दुग्ध उत्पादकों को उनका बकाया भुगतान जारी किया जाए, ताकि उनकी दिवाली फीकी न पड़े। यूनियन के अध्यक्ष बिहारी सेवगी और सचिव विरेंद्र भलूनी ने बताया कि दत्तनगर स्थित मिल्कफेड चिलिंग प्लांट प्रदेश का सबसे बड़ा दुग्ध एकत्रीकरण केंद्र है, फिर भी यहां के उत्पादकों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। इससे किसानों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री ने 15 नवंबर 2024 को दत्तनगर में आयोजित कार्यक्रम में घोषणा की थी कि दूध उत्पादकों को हर माह की 10 तारीख से पहले भुगतान किया जाएगा, लेकिन अब दो माह 18 दिन बीत जाने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ है। सोसायटी पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि दुग्ध एकत्रीकरण में लगी सहकारी समितियों के सचिव उत्पादकों से अनुचित वसूली कर रहे हैं। जबकि मिल्कफेड उन्हें पहले से ही 5 प्रतिशत कमीशन और वाहन किराया देता है, फिर भी वे अतिरिक्त कटौती कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्व में मिल्कफेड निदेशक को ज्ञापन सौंपकर सभी दुग्ध सोसायटियों में दूध की गुणवत्ता जांच उपकरण लगाने की मांग की गई थी, लेकिन आज तक यह वादा पूरा नहीं हुआ। इससे किसानों में नाराजगी और असंतोष बढ़ रहा है। यूनियन ने सरकार से अपील की है कि दिवाली से पूर्व सभी उत्पादकों का भुगतान जारी किया जाए और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए। साथ ही, दूध उत्पादकों को सीधे बैंक खातों में भुगतान (Direct Benefit System) लागू करने की भी मांग की गई है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि भुगतान में देरी जारी रही तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए विवश होंगे।
