एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
जॉइंट टीचर्स फेडरेशन ऑफ हिमाचल प्रदेश के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मुलाकात कर सीबीएसई से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ के अध्यक्ष अजय नेगी ने की।
प्रतिनिधिमंडल में प्रधानाचार्य संघ, मुख्य अध्यापक संघ, एचजीटीयू, सर्व टीजीटी महासंघ, पीटीएफ, सी एंड वी शिक्षक संघ, साइंस टीचर एसोसिएशन सहित अन्य शिक्षक संगठनों के शीर्ष पदाधिकारी उपस्थित थे। हिमाचल प्रदेश सचिवालय कोऑर्डिनेशन कमेटी और जिला सोलन के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।
मुख्य प्रेस सचिव जयराम शर्मा ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखीं:
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शिक्षकों का अलग सीबीएसई कैडर न बनाया जाए ताकि सेवा संरचना, वरिष्ठता और शैक्षणिक समन्वय पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
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19 जनवरी की अधिसूचना के कॉलम 5.6.2 को संशोधित कर स्पष्ट और भ्रम-रहित बनाया जाए, साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 30:1 छात्र-शिक्षक अनुपात को राज्य के स्कूलों में लागू किया जाए।
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प्राथमिक विद्यालयों में CHT पद समाप्त न किए जाएं।
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राज्य के स्कूलों में उप-प्रधानाचार्य के पद सृजित किए जाएं और संयुक्त वरिष्ठता के आधार पर भरे जाएं।
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वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को मर्ज न कर, उन्हें को-एजुकेशनल प्रणाली के तहत संचालित किया जाए और एक स्कूल को सीबीएसई तथा दूसरे को हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड से संबद्ध किया जाए।
मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों के सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीएसई व्यवस्था केवल शिक्षक और छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए लागू की जाएगी और किसी भी स्थिति में पदोन्नति तथा वरिष्ठता प्रभावित नहीं होगी। साथ ही 19 जनवरी की अधिसूचना में आवश्यक संशोधन करने का भरोसा भी दिया गया।
