एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
शिमला शहर के चलौंठी क्षेत्र में फोरलेन निर्माण कार्य से प्रभावित घरों और सड़कों को लेकर उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपमंडल दण्डाधिकारी शिमला (ग्रामीण) और राज्य भूवैज्ञानिक द्वारा प्रस्तुत क्षति मूल्यांकन रिपोर्ट पर चर्चा की गई। रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है। इसमें एक घर को ‘न रहने योग्य’ और एक को अस्थायी रूप से असुरक्षित घोषित किया गया है, जबकि बाकी घर निगरानी में हैं। बैठक में सड़कों के बार-बार धंसने का मुद्दा भी उठाया गया, जिससे यातायात और आम जनता में असुविधा पैदा हो रही है।
उपायुक्त ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रतिनिधि को मुआवजे की स्थिति की जानकारी देने के लिए निर्देशित किया। प्रतिनिधि ने बताया कि जिला प्रशासन से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर उन्हें कंसेसियनार और बीमा कंपनी को भेज दिया गया है। उपायुक्त ने 15 दिनों के भीतर सभी कार्रवाई पूरी करने और इसकी जानकारी एसडीएम शिमला (ग्रामीण) को देने के निर्देश दिए।
बैठक में भारत कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि ने प्रभावित घरों में मरम्मत कार्य की वर्तमान स्थिति बताई। उन्होंने कहा कि दरारों को भरने का कार्य प्रगति पर था, लेकिन बर्फबारी के कारण अस्थायी रूप से रोका गया था। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि मौसम ठीक होते ही कार्य शुरू हो और दरारें एक महीने के भीतर भरी जाएँ। वर्तमान में किसान भवन ढली खाली है, लेकिन प्रभावित छह परिवारों को किराए के आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उपायुक्त ने 10 दिनों के भीतर रेंट एग्रीमेंट और संबंधित दस्तावेज एसडीएम को सौंपने के निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल ज्योति राणा, एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा और अन्य हितधारक भी मौजूद थे।
